संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र में तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैय्यप अर्दोआन ने अपने देश की तरफ से दिए गए वक्तव्य में भारत और पाकिस्तान का जिक्र किया। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तुर्किये पाकिस्तान के साथ अक्सर खड़ा रहता है। अर्दोआन ने कहा, ‘हम पिछले अप्रैल में पाकिस्तान और भारत के बीच संघर्ष में बदल चुके तनाव के बाद हुए युद्धविराम से खुश हैं… हमें उम्मीद है कि कश्मीर का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के आधार पर, कश्मीर में हमारे भाइयों और बहनों के हित में, बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा।
#WATCH | New York | At the 80th session of UNGA, Turkish President Recep Tayyip Erdoğan says, “… We are pleased with the ceasefire achieved following the tensions last April between Pakistan and India, which had escalated into a conflict… The issue of Kashmir should be… pic.twitter.com/YqWx3l5X1C
— ANI (@ANI) September 23, 2025
अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी भारत और पाकिस्तान का नाम लिया
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी यूएनजीए में अपने संबोधन के दौरान दावा किया कि बीते सात महीने में उन्होंने लगभग सात ‘असम्भव’ युद्धों को खत्म कराया है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद इसी साल मई में पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के बाद उपजे तनाव को भारत-पाकिस्तान युद्ध बताते हुए एक बार फिर सीजफायर का श्रेय लेने की कोशिश की। इसके अलावा उन्होंने, इस्राइल-ईरान और अन्य संघर्षों को शांत कराने में भी अपनी भूमिका को रेखांकित किया।
कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधि पहुंचे हैं अमेरिका
बता दें कि UNGA के लिए भारत का प्रतिनिधित्व करने विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर गए हैं। इसके अलावा यहां आने वाली हस्तियों में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों, इतालवी पीएम मेलोनी, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की, अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली और सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा जैसे नाम शामिल हैं। सीरिया के लिए ये सत्र इसलिए भी खास है क्योंकि 57 साल के बाद पहली बार यूएन के मंच पर इस देश के राष्ट्राध्यक्ष अपने देश का प्रतिनिधित्व करने आए हैं। सभी लोग अपने देशों का पक्ष रखेंगे।


