इस्राइल और हमास के बीच लगभग दो साल से चल रहे संघर्ष के खत्म होने की उम्मीद नजर आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से गाजा में शांति के लिए बनाई गई 20 सूत्री योजना पर इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सहमति जता दी है। इसी बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने हमास पर इस प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए दवाब बढ़ा दिया है। ट्रंप ने कहा कि हमास के पास उनके गाजा शांति प्रस्ताव पर जवाब देने के लिए लगभग तीन से चार दिन हैं, अन्यथा इसके गंभीर परिणाम होंगे।
ट्रंप की चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि हमास के पास उनके गाजा शांति प्रस्ताव पर जवाब देने के लिए लगभग तीन से चार दिन हैं, अन्यथा इसके गंभीर परिणाम होंगे। ट्रंप ने व्हाइट हाउस से जाते समय पत्रकारों से कहा कि इस्राइली और अरब नेता योजना को पहले ही स्वीकार कर चुके हैं और अब केवल हमास की प्रतिक्रिया का इंतजार है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, हमास या तो इसे स्वीकार करेगा या नहीं, और अगर नहीं, तो इसका परिणाम बहुत ही दुखद होगा।
#WATCH | On how long he plans to give Hamas to respond, US President Donald Trump says, "We're going to do about three or four days... All of the Arab countries are signed up. The Muslim countries are all signed up. Israel is all signed up. We're just waiting for Hamas, and Hamas… pic.twitter.com/JmsGQJ7Xl1
— ANI (@ANI) September 30, 2025
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इस शांति योजना पर अधिक बातचीत की गुंजाइश नहीं है। उन्होंने इसे जल्द लागू करने का दबाव डालते हुए कहा कि हमास को या तो इसे स्वीकार करना होगा या गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
ट्रंप की शांति योजना पर गौर करके जवाब देंगे: हमास
हमास ने मंगलवार को कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा शांति योजना पर विचार करके प्रतिक्रिया देगा। बेंजामिन नेतन्याहू पहले ही योजना का समर्थन कर चुके हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि हमास इस योजना पर सहमत होगा या नहीं। योजना में कहा गया है कि युद्ध खत्म करने के बदले हमास को आत्मसमर्पण करके हथियार डालने होंगे।
इसके अलावा योजना में फलस्तीनियों के लिए मानवीय मदद भेजने और गाजा के पुनर्निर्माण का वादा भी किया गया है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इजराइल-हमास युद्ध के दौरान 66 हजार फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है। इस बीच, गाजा से जुड़ी योजना को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन मिलना जारी है। ट्रंप और नेतन्याहू ने सोमवार को व्हाइट हाउस में मुलाकात के बाद कहा कि वे इस योजना का समर्थन करते हैं।
इस्राइल के विदेश मंत्री गिडियन सार ने कहा कि उनके देश ने ट्रंप की योजना को स्वीकार कर लिया है और अब हमास को अपना रुख बताना है। सार ने सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में कहा, अब हम यह देखेंगे कि हमास राष्ट्रपति (ट्रंप) की योजना स्वीकार करता है या नहीं। उन्होंने कहा,हम अपने बंधकों को दो साल बाद वापस आते देखना चाहते हैं…। हम एक नया गाजा भी देखना चाहते हैं, जो कट्टरपंथ मुक्त, हथियार मुक्त हो और इजराइल तथा इसके नागरिकों के लिए कोई खतरा न बने।
रूस ने गाजा को लेकर ट्रंप की योजना के सफल होने की उम्मीद जताई है।रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि रूस ट्रंप के प्रयासों का स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि रूसी अधिकारी आशा करते हैं कि यह योजना लागू हो और पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने में मदद करे।


