मंडी जिले में दवाड़ा फ्लाईओवर का पिलर धंसने पर सुरक्षा के लिए लोहे का पिलर लगाया गया है। यहां से आवाजाही जोखिमपूर्ण हो गई है। मंडी-पंडोह मार्ग एकतरफा यातायात के लिए खुल गया है। कराड़सू बिहाल में एनडीआरएफ ने ब्यास नदी में फंसे दो लोगों को रेस्क्यू किया। नदी में नहाने उतरे दोनों टापू पर रातभर फंसे रहे। रैत की पंचायत कुठमां के बैटलू में बनोई खड्ड के किनारे बना श्मशानघाट पानी के तेज बहाव में बह गया।
वीरवार को राजधानी शिमला और मंडी में हल्की बारिश हुई। अन्य जिलोंं में धूप खिली रही। शुक्रवार से प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। रविवार तक प्रदेश में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। वीरवार शाम तक प्रदेश में तीन एनएच सहित 577 सड़कें और 598 बिजली ट्रांसफार्मर ठप रहे।
कुल्लू की मकरीड़ी उपतहसील की पंचायत खडिहार के गांव डोल और गदयाड़ा में ब्यास नदी ने फिर रौद्र रूप दिखाया है। 65 बीघे से अधिक उपजाऊ कृषि भूमि पूरी तरह से नष्ट हो गई है। दोनों गांव खतरे की जद में आ गए हैं। बंजार घाटी में बिजली के साथ दूरसंचार सेवा भी बहाल हो गई है। दो दिनों में बिजली बोर्ड ने 300 बिजली ट्रांसफार्मरों को बहाल कर 400 गांवों को रोशन किया है। कांगड़ा जिले के मैदानी इलाकों में वीरवार को मौसम साफ रहा। वहीं, दोपहर बाद से धर्मशाला क्षेत्र में भारी बारिश शुरू हो गई और यह दौर शाम तक जारी रहा। हमीरपुर जिले में भोरंज के भुक्कड़ में एक स्लेटपोश मकान गिरा। बुधवार देर रात और वीरवार सुबह यहां बारिश हुई है। मैड़ में भूस्खलन की आशंका पर अधिकारी मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे। चार कनाल भूमि भूस्खलन की चपेट में पाई गई।


