दिल्ली शराब घोटाला में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने दिल्ली हाई कोर्ट मे याचिका दाखिल की है. उन्होंने हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल कर एक्साइज पॉलिसी केस में उन्हें बरी किए जाने के खिलाफ CBI की रिवीजन पिटीशन खारिज करने की मांग की.
केजरीवाल और सिसोदिया ने CBI के केस की मेंटेनेबिलिटी पर आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि रिवीजन पिटीशन ट्रायल कोर्ट के फैसले के चार घंटे के अंदर बहुत जल्दबाजी और गैर-गंभीर तरीके से फाइल की गई थी.
बता दें कि शराब नीति घोटाला मामले में ट्रायल कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत अन्य आरोपियों को आरोपों से मुक्त किया था. इसके खिलाफ सीबीआई ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दाखिल की थी.
यह मामला 2021-22 की दिल्ली आबकारी नीति से जुड़ा है, जिसे बाद में अरविंद केजरीवाली के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की तत्कालीन सरकार ने अनियमितताओं के आरोपों के बीच वापस ले लिया था.
जांच एजेंसियों का आरोप लगाया कि इस आबकारी नीति के जरिए निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया, जबकि बचाव पक्ष का कहना है कि आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत नहीं हैं.
अरविंद केजरीवाल ने Meta से किया सवाल
इस बीच, अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है कि मेटा ने भारत में उनके सोशल मीडिया अकाउंट को रिस्ट्रिक्ट कर दिया. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारत में उनके अकाउंट पर पाबंदी लगाई गई. केजरीवाल ने सवाल उठाया कि उनके अकाउंट पर यह कार्रवाई क्यों की गई.
केजरीवाल का कहना है कि उन्हें अब तक यह भी नहीं बताया गया है कि यह पाबंदी किस वजह से लगाई गई और इसे हटाने की प्रक्रिया न है. केजरीवाल ने बताया कि मेटा के भारत स्थित कार्यालय में मौखिक तौर पर जानकारी लेने की कोशिश के बाद भी उन्हें कोई साफ जवाब नहीं मिला.
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