wi vs indi – odi series – shubman-gill-की कोहनी पर लगी गेंद


शुभमन गिल को तिरुवनंतपुरम में वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ पहले वनडे से दो दिन पहले नेट्स में बल्लेबाज़ी के दौरान चोट लग गई। भारत के कप्तान मोहम्मद सिराज की गेंदों का सामना कर रहे थे। इसी दौरान एक उठती हुई गेंद उनकी दाहिनी कोहनी पर लगी।

गेंद लगते ही गिल दर्द से कराहते हुए नेट्स से बाहर चले गए। इसके बाद फिजियोथेरेपिस्ट ने उनका उपचार किया। सिराज सबसे पहले उनका हालचाल लेने पहुंचे। पास वाले नेट में बल्लेबाज़ी कर रहे विराट कोहली भी उनसे मिलने आए।

इसके बाद गिल दूसरे नेट की ओर गए, लेकिन वहां वह और ज़्यादा दर्द में दिखे। वह अपनी दाहिनी कोहनी पकड़कर बैठ गए। भारतीय सपोर्ट स्टाफ़ ने उनकी बांह पर पट्टी बांधी। इसके बाद उन्होंने बाक़ी ट्रेनिंग सत्र रिकवरी में बिताया।

गिल दोबारा बल्लेबाज़ी करने नहीं लौटे। हालांकि बाद में वह गुरनूर बराड़ के साथ मज़ाक करते नज़र आए। मैदान से बाहर जाते समय भी वह ज़्यादा तकलीफ़ में नहीं दिखे। गिल के पास वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ रविवार से शुरू होने वाले पहले वनडे से पहले फिट होने के लिए लगभग 24 घंटे का समय है।

भारत के लिए उनकी पिछली सीरीज़ की शुरुआत भी चोट की आशंका के बीच हुई थी। पिछले महीने श्रीलंका दौरे के दौरान नेट्स में बल्लेबाज़ी करते हुए उनकी उंगली पर गेंद लगी थी। हालांकि, उन्होंने समय रहते वापसी की और दो टेस्ट मैचों की सीरीज़ में पूरा हिस्सा लिया था।

शुक्रवार को चोट लगने से पहले गिल अच्छी लय में नज़र आ रहे थे। वह अभ्यास के लिए मैदान पर उतरने वाले पहले खिलाड़ियों में शामिल थे। वह विराट कोहली, रोहित शर्मा तथा रुतुराज गायकवाड़ के साथ बल्लेबाज़ी कर रहे थे। नीतीश कुमार रेड्डी की कुछ गेंदों ने उन्हें परेशान किया लेकिन गुरनूर बराड़ के ख़िलाफ़ वह काफ़ी सहज दिखे। शुरुआती सतर्कता के बाद उन्होंने कुछ शानदार ड्राइव भी लगाए।

भारत इस साल पहले ही कई चोटों से जूझ चुका है। हाल ही में BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने संकेत दिया था कि बोर्ड लगातार बढ़ रही खिलाड़ियों की चोटों की समस्या पर काम कर रहा है। जुलाई में इंग्लैंड दौरे के दौरान भारत अपनी सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग XI नहीं उतार सका था। रेड्डी, जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या, हर्षित राणा और वॉशिंगटन सुंदर या तो दौरे से पहले या उसके दौरान चोटिल हो गए थे। बुमराह और रेड्डी वापसी कर चुके हैं, लेकिन हार्दिक और राणा अब भी टीम से बाहर हैं।

भारत के गेंदबाज़ी कोच मोर्ने मोर्कल ने शुक्रवार को कहा, “स्वाभाविक तौर पर आप चाहते हैं कि आपकी सबसे मज़बूत और परिस्थितियों के हिसाब से सबसे बेहतर इलेवन मैदान पर उतरे। दुर्भाग्य से कभी-कभी खिलाड़ी ऐसे समय चोटिल हो जाते हैं, जब आप बिल्कुल नहीं चाहते।”

“लेकिन अच्छी बात यह है कि हमारे पास बेहतरीन बैकअप खिलाड़ी हैं। यह उन खिलाड़ियों के लिए भारत के लिए खेलने, अपनी पहचान बनाने और प्रतिस्पर्धा करने का शानदार मौक़ा है। उम्मीद है कि आगे चलकर हम चोटों की समस्या से बाहर निकल जाएंगे और साल के बाकी हिस्से में पूरी ताक़त के साथ खेल पाएंगे।”



Source link

Scroll to Top