गेंद लगते ही गिल दर्द से कराहते हुए नेट्स से बाहर चले गए। इसके बाद फिजियोथेरेपिस्ट ने उनका उपचार किया। सिराज सबसे पहले उनका हालचाल लेने पहुंचे। पास वाले नेट में बल्लेबाज़ी कर रहे विराट कोहली भी उनसे मिलने आए।
इसके बाद गिल दूसरे नेट की ओर गए, लेकिन वहां वह और ज़्यादा दर्द में दिखे। वह अपनी दाहिनी कोहनी पकड़कर बैठ गए। भारतीय सपोर्ट स्टाफ़ ने उनकी बांह पर पट्टी बांधी। इसके बाद उन्होंने बाक़ी ट्रेनिंग सत्र रिकवरी में बिताया।
शुक्रवार को चोट लगने से पहले गिल अच्छी लय में नज़र आ रहे थे। वह अभ्यास के लिए मैदान पर उतरने वाले पहले खिलाड़ियों में शामिल थे। वह विराट कोहली, रोहित शर्मा तथा रुतुराज गायकवाड़ के साथ बल्लेबाज़ी कर रहे थे। नीतीश कुमार रेड्डी की कुछ गेंदों ने उन्हें परेशान किया लेकिन गुरनूर बराड़ के ख़िलाफ़ वह काफ़ी सहज दिखे। शुरुआती सतर्कता के बाद उन्होंने कुछ शानदार ड्राइव भी लगाए।
भारत के गेंदबाज़ी कोच मोर्ने मोर्कल ने शुक्रवार को कहा, “स्वाभाविक तौर पर आप चाहते हैं कि आपकी सबसे मज़बूत और परिस्थितियों के हिसाब से सबसे बेहतर इलेवन मैदान पर उतरे। दुर्भाग्य से कभी-कभी खिलाड़ी ऐसे समय चोटिल हो जाते हैं, जब आप बिल्कुल नहीं चाहते।”
“लेकिन अच्छी बात यह है कि हमारे पास बेहतरीन बैकअप खिलाड़ी हैं। यह उन खिलाड़ियों के लिए भारत के लिए खेलने, अपनी पहचान बनाने और प्रतिस्पर्धा करने का शानदार मौक़ा है। उम्मीद है कि आगे चलकर हम चोटों की समस्या से बाहर निकल जाएंगे और साल के बाकी हिस्से में पूरी ताक़त के साथ खेल पाएंगे।”


