Warning On Silver: फूटने वाला है बुलबुला? चांदी 3 दिन में 48000 रुपये महंगी, पर्दे के पीछे ये असली खेल! – Something big in Silver economist warning after Silver metal record high see Gold Rate tutc


सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) में तेजी का सिलसिला जारी है. हर रोज ये कीमती धातुएं नए शिखर पर पहुंचती जा रही हैं. इसका अंदाजा सिर्फ इस सप्ताह के तीन कारोबारी दिनों में आए उछाल को देखकर ही लगाया जा सकता है. Silver Price जहां महज तीन दिनों में ही 48000 रुपये से ज्यादा चढ़ गया है, तो वहीं सोने का भाव (Gold Rate) भी तेजी से उछला है और इन तीन दिनों में 6000 रुपये से ज्यादा महंगा हो गया है. 

बुधवार को भी Gold-Silver भागे
सबसे पहले बात करते हैं चांदी की कीमत में लगातार आ रहे उछाल के बारे में, तो एमसीएक्स पर 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी का प्राइस बीते कारोबारी दिन मंगलवार के बंद 3,56,279 रुपये प्रति किलोग्राम से चढ़कर 3,83,100 रुपये के नए हाई लेवल पर पहुंच गया. इस हिसाब से ये 26,821 रुपये महंगी हो गई. वहीं बीते तीन दिनों की बात करें, तो सोमवार के बंद 3,34,699 रुपये से 1 Kg Silver Price 48,401 रुपये तक महंगी हो गई है. 

सोना भी कुछ कम नहीं है और इसकी कीमतों में भी तेजी का सिलसिला जारी है. सप्ताह के तीन कारोबारी दिनों में 5 फरवरी की एक्सपायरी वाला सोना 6,876 रुपये महंगा होकर 1,66,073 रुपये से बढ़कर बुधवार को 1,72,949 रुपये प्रति 10 ग्राम का हो गया. वहीं सिर्फ एक दिन में ही 10 Gram 24 Karat Gold Rate 5,028 रुपये  बढ़ गया. 

Silver का गदर लगातार है जारी
चांदी की कीमतों में यह तेजी पिछले एक साल में Global Silver Price में आए चौंकाने वाले उछाल को दर्शाती है. जनवरी 2025 में ये करीब 30 डॉलर प्रति औंस से बढ़कर जनवरी 2026 में लगभग 111 डॉलर प्रति औंस हो गई है, जो 12 महीनों में 270% की बढ़ोतरी है. 2026 में भी ये रफ्तार जारी है और जनवरी में अब तक सिल्वर प्राइस में लगभग 20% की वृद्धि हुई है. ये वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों के सुरक्षित निवेश ठिकाने या सेफ हेवेन की ओर भागने से प्रेरित है. 

चांदी की कीमतों में तेजी के बड़े कारण
Silver Price में जारी तूफानी तेजी चांदी की डिमांड में बढ़ोतरी से देखने को मिली है. इसकी वजह है कि AI, सेमीकंडक्टर, सोलर एनर्जी, बैटरी, हर चीज को चांदी की जरूरत है. एफपीए एडुटेक के को-फाउंडर और ट्रूवांटा वेल्थ के संस्थापक किर्तन शाह ने निवेशकों को चांदी में तेजी का पीछा करने के जोखिमों के बारे में आगाह किया है. उन्होंने चांदी की बढ़ती कीमतों के दो प्रमुख कारणों के बारे में बताया. इनमें पहला बैटरी, प्रौद्योगिकी और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियों की वास्तविक इंडस्ट्रियल डिमांड है.

वहीं दूसरा निवेश की मांग है. जब निवेशक ईटीएफ के जरिए चांदी खरीदते हैं, तो फंड आमतौर पर बैकएंड में फिजिकल सिल्वर खरीदते हैं, यानी Silver ETF में निवेश बढ़ने से चांदी की मांग भी बढ़ जाती है. पिछले महज 90 दिनों में चांदी के ईटीएफ की मांग दोगुनी हो गई है.

क्या फूटने वाला है चांदी का बुलबुला? 
चांदी में तेजी के बावजूद शाह ने निवेशकों को इसकी कीमत में गिरावट के जोखिमों के बारे में वॉर्निंग दी है. उन्होंने कहा कि चांदी का इतिहास रहा है, जब इसकी कीमत गिरती है, तो यह अपने मूल्य का 80-90 फीसदी तक खो देती है. ऐसा इतिहास में दो बार देखने को मिल चुका है. उन्होंने खुद के बारे में बात करते हुए कहा कि हालांकि, मैं अपने पास चांदी का स्टॉक बनाए रखूंगा, लेकिन आज की कीमतों पर नई चांदी बिल्कुल भी नहीं खरीदूंगा.

उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि औद्योगिक मांग मौजूद होने के बावजूद, मौजूदा उछाल काफी हद तक निवेश से ही प्रेरित है. शाह के मुताबिक, यह वास्तविक इंडस्ट्रियल डिमांड से कहीं अधिक बड़ा बुलबुला है. निवेशकों को चांदी को एक निवेश साधन के रूप में इस्तेमाल करते समय बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है.

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