विक्रमशिला सेतु पर तीसरा बेली ब्रिज तैयार होने के बाद पुल पर आवगमन शुरू कर दिया जाएगा। शुरुआत में छोटी गाड़ियां ही पुल से गुजर सकेंगी। भारी वाहनों को रोकने के लिए प्रशासन 15 फीट के दो बैरियर लगा रहा है।
बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी पर क्षतिग्रस्त विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज का काम जोर-शोर से चल रहा है। तीनों बेली ब्रिज तैयार होने के बाद पुल पर आवागमन शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि, छोटी गाड़ियों को ही इस पुल से गुजरने की अनुमति मिलेगी। बड़ी गाड़ियां फिलहाल विक्रमशिला सेतु से गंगा के आर-पार नहीं जा सकेंगी। बड़ी गाड़ियों को पुल पर जाने से रोकने के लिए प्रशासन 15 फीट ऊंचे दो बैरियर लगा रहा है।
महिला आईआईटी कॉलेज और जाह्नवी चौक के पास टीओपी से पहले लोहे के बैरियर बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई। बैरियर की ऊंचाई 15 फीट रखी गई है। इसमें से ऑटो, टोटो और कार जैसी छोटी गाड़ियां तो आसानी से निकल जाएंगी। मगर ट्रक, बस जैसी बड़े वाहन पुल पर नहीं जा सकेंगे। यहां तक की लोडेड पिकअप के भी विक्रमशिला सेतु से गुजरने की अनुमति नहीं होगी।
तीसरा बेली ब्रिज हो रहा तैयार, जल्द शुरू होगा आवागमन
दूसरी ओर, विक्रमशिला सेतु पर तीसरे बेली ब्रिज का काम चल रहा है। ब्रिज के लिए फ्रेमिंग काम शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि अगले 3-4 दिनों में यह ब्रिज तैयार हो जाएगा। इसके बाद आईआईटी पटना के विशेषज्ञों की टीम इसकी जांच करेगी। जांच और ट्रायल में सुरक्षित पाए जाने के बाद इस पर वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया जाएगा।
विक्रमशिला सेतु के टूटे हुए स्लैब के बाद वाले स्पैन पर 24 मीटर लंबा तीसरा बेली ब्रिज बनाया जा रहा है। इसके दोनों ओर एंगल जोड़े जा रहे हैं। फिर प्लेट लगाई जाएंगी। भागलपुर में दो दिन आई आंधी और बारिश से काम प्रभावित हुआ है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने दो बेली ब्रिज पहले ही तैयार कर लिए हैं।
बता दें कि गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु का एक स्लैब 3 मई की आधी रात को टूट कर गंगा नदी में समा गया था। इसके बाद पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। इससे भागलपुर और पूर्वी बिहार का उत्तर बिहार के जिलों से संपर्क पूरी तरह टूट गया। गंगा नदी के इस पार से उस पार जाने वाले वाहन चालकों के लिए यह प्रमुख मार्ग था। हजारों की संख्या में गाड़ियां रोजाना इस पुल से गुजरती थीं।
विक्रमशिला सेतु टूटने के बाद लाखों लोगों को परेशानी हो रही है। गंगा नदी पार करने के लिए वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों को अपनाना पड़ रहा है। वहीं, भागलपुर और नवगछिया के बीच गंगा नदी में फेरी चलाई जा रही है। विक्रमशिला सेतु के समानांतर भी एक और पुल बनाया जा रहा है, लेकिन उसका निर्माण कार्य इस साल के अंत तक पूरा होगा।
(भागलपुर से संजय कुमार की रिपोर्ट)


