शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपनी दशहरा रैली में कहा कि असली शिवसेना आज भी उनके पास है। उन्होंने उन नेताओं की आलोचना की जो पार्टी छोड़कर चले गए और शिंदे गुट में शामिल हो गए। ठाकरे ने कहा कि जनता अब भी हमारे साथ है और पार्टी की असली पहचान उन्हीं में है। यही लोग असली सोना है, बाकी जाने वाले लोग तो पीतल के हैं।
इस दौरान उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि भाजपा अब ‘अमीबा’ बन गई है, एक कोशिकीय जीव की तरह जो कहीं भी फैलती रहती है। यदि यह पेट में चला जाए, तो तकलीफ होती है। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा के विस्तार और सत्ता की लालसा को चुनौती दी।
भाजपा नेताओं पर पर साधा निशाना
साथ ही सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है और शासन में दोहरी नीति अपनाई जा रही है। ठाकरे ने कहा कि अधिकारी पकड़े जा रहे हैं, लेकिन मंत्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। शराब के लाइसेंस मंत्रियों के नाम पर जारी किए जा रहे हैं और डांस बार उनके परिवार की महिलाओं के नाम से खोले जा रहे हैं।
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इतना ही नहीं, उन्होंने एक सर्वे का भी जिक्र किया और बताया कि कभी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री टॉप 5 में आते थे, लेकिन आज देवेंद्र फडणवीस 10वें स्थान पर हैं। उन्होंने कहा कि सर्वे में सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ बने, जबकि ममता बनर्जी, चंद्रबाबू नायडू, एम.के. स्टालिन, पिनाराई विजयन और अन्य नेता उनसे आगे हैं। ठाकरे ने कहा कि यह जनता की नाकामी नहीं, बल्कि मौजूदा नेतृत्व की असफलता है।
पीएम मोदी के मणिपुर दौरे पर कही ये बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया मणिपुर दौरे पर भी ठाकरे ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मणिपुर पिछले तीन साल से जल रहा था, लेकिन प्रधानमंत्री ने अब जाकर दौरा किया। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि मोदी ने वहां केवल इतना कहा कि “मणिपुर के नाम में ही मणि है”, लेकिन उन्होंने राज्य की पीड़ा और वहां के लोगों के आंसू नहीं देखे। ठाकरे ने कहा कि यह लोगों के घाव पर नमक छिड़कने जैसा है।
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सोनम वांगचुक मामले में भी केंद्र पर साधा निशाना
उद्धव ठाकरे ने लेह के पर्यावरणविद सोनम वांगचुक को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब तक वांगचुक मोदी की तारीफ करते रहे, तब तक उन्हें राष्ट्रवादी बताया गया, लेकिन जैसे ही उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया, उन्हें निशाने पर ले लिया गया। ठाकरे ने सवाल किया कि अगर पाकिस्तान जाने पर किसी को देशद्रोही कहा जाता है तो फिर उन नेताओं का क्या जो वहां आधिकारिक दौरे पर जाते हैं।


