अध्ययन में खुलासा: हिमाचल में 33.1 फीसदी एमबीबीएस प्रशिक्षु खा रहे जंक फूड, 17.2 फीसदी नहीं करते नाश्ता


अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Krishan Singh

Updated Wed, 08 Oct 2025 11:48 AM IST

एमबीबीएस प्रशिक्षु जंक फूड का सेवन करते हैं, जबकि 17.2 फीसदी डाॅक्टर नाश्ता ही नहीं कर रहे। मरीजों के इलाज में व्यस्त इन डाॅक्टरों को समय ही नहीं मिल पा रहा है। 

Study reveals: 33.1% of MBBS trainees in Himachal Pradesh eat junk food, 17.2% skip breakfast

जंक फूड(सांकेतिक)
– फोटो : संवाद



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हिमाचल में 33.1 फीसदी एमबीबीएस प्रशिक्षु जंक फूड का सेवन करते हैं, जबकि 17.2 फीसदी डाॅक्टर नाश्ता ही नहीं कर रहे। मरीजों के इलाज में व्यस्त इन डाॅक्टरों को समय ही नहीं मिल पा रहा है। शारीरिक गतिविधियां न होने के कारण कई प्रशिक्षु तनाव से भी जूझ रहे हैं। यह खुलासा हाल ही में हुए एक अध्ययन में हुआ है। सैन्य अस्पताल शिमला और इंदिरा गांधी मेडिकल काॅलेज शिमला के चिकित्सा विशेषज्ञों ने हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों के 999 एमबीबीएस प्रशिक्षुओं पर उनके खानपान, जीवन शैली और शारीरिक गतिविधियों पर अध्ययन किया है। इसे जर्नल ऑफ पायनियरिंग मेडिकल साइंसेज के पांच अक्तूबर 2025 के अंक में प्रकाशित किया गया है।

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