जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में आग की घटना के बाद राज्य सरकार ने रविवार देर रात और सोमवार को कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाइयां कीं। हादसे में आठ मरीजों की मौत के बाद सरकार ने तत्काल जिम्मेदारी तय करते हुए अस्पताल प्रशासन पर कड़ा कदम उठाया है।

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एसएमएस अस्पताल अग्निकांड
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आदेशों के तहत एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुशील भाटी और ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी डॉ. अनुराग धाकड़ को उनके पद से हटा दिया गया है। वहीं, अधिशाषी अभियंता मुकेश सिंघल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही फायर सेफ्टी सिस्टम की जिम्मेदारी संभाल रही एसके इलेक्ट्रिक कंपनी की निविदा रद्द कर दी गई है और कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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एसएमएस अस्पताल अग्निकांड टाइमलाइन
– फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का मध्यरात्रि निरीक्षण
घटना की सूचना पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रविवार देर रात करीब 3 बजे ही एसएमएस अस्पताल पहुंचे और ट्रॉमा सेंटर की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सवाई मान सिंह अस्पताल पहुंचे
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मुख्यमंत्री के इन निर्देशों के बाद ही सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने अधीक्षक, प्रभारी और अभियंता पर यह कार्रवाई सुनिश्चित की। राज्य सरकार ने अब डॉ. मृणाल जोशी को एसएमएस अस्पताल का नया अधीक्षक नियुक्त किया है, जबकि ट्रॉमा सेंटर की जिम्मेदारी डॉ. बी.एल. यादव को सौंपी गई है।

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अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर
– फोटो : अमर उजाला
स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर का निरीक्षण
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर सोमवार शाम घटना के 17-18 घंटे बाद ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। उन्होंने क्षतिग्रस्त वार्ड का निरीक्षण किया और बचाव कार्यों तथा जांच की प्रगति के बारे में विस्तृत जानकारी ली। मंत्री खींवसर ने मीडिया से कहा कि यह हादसा बेहद दुखद है। जिन परिवारों ने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है। ईश्वर उन्हें इस पीड़ा को सहन करने की शक्ति दें। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि क्षतिग्रस्त आईसीयू को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए और तब तक मरीजों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


