शार्क टैंक इंडिया (Shark Tank India) के पांचवें सीजन में दूसरे ही दिन एक ऐसा स्टार्टअप (Startup) आया, जिसकी पिच खत्म होते ही अमन गुप्ता खड़े हो गए और उनके पास जाकर उन्हें थैंक्यू भी कहा. इस स्टार्टअप का नाम है EMoMee, जो बच्चों के लिए कुछ खास तरह के वीडियो बनाता है. ये वीडियो यूट्यूब पर आते हैं, जिनमें तीन कैरेक्टर हैं E, Mo और Mee.
यह स्टार्टअप इन कैरेक्टर्स के जरिए जो वीडियोज़ बनाता है, वह बच्चों को सिर्फ एंटरटेन नहीं करते, बल्कि 24वीं सदी की लाइफस्टाइल स्किल्स भी सिखाते हैं. फाउंडर्स का दावा है कि मौजूदा वक्त में बहुत सारा ऐसा कॉन्टेंट बन रहा है, जो बच्चों को ए़डिक्टिव बनाता है. इसकी वजह से बच्चों को कॉन्फिडेंस नहीं आ पाता. इस समस्या को देखते हुए ही मुंबई की दंपति पूजा जौहरी और वरुण डुग्गीराला ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर इस स्टार्टअप की शुरुआत की.
14 साल का अनुभव लेकर आए फाउंडर्स
यह एक माइक्रोस्टोरी यूनिवर्स है, जिसके तहत ये स्टार्टअप हर दिन एक स्टोरी बनाता है और उसे यूट्यूब पर डालता है. इस स्टार्टअप की स्ट्रेटेजी है- स्क्रीन, स्टेज और शॉपिंग. यह स्टार्टअप फन और लर्निंग को स्क्रीन से निकाल कर वास्तविक जिंदगी में लाना जाता है. इस दंपति ने पिछले 14 सालों में दुनिया के कई बड़े ब्रांड्स के लिए कॉन्टेंट बनाया है. अब फाउंडर्स ने अपनी उसी लर्निंग को इस स्टार्टअप में डाल दिया है.
जब अमन गुप्ता हो गए खड़े, फाउंडर्स को कहा- ‘थैंक्यू’
पिच खत्म होते ही अमन गुप्ता अपनी सीट से उठे और बोले- सबसे पहले तो मैं अपने दोस्तों को हाय कहना चाहता हूं और यह बोलते हुए वह फाउंडर्स से मिलने मंच पर चले गए. उसने मिलने के बाद अमन ने बताया कि ग्लिच एक बहुत ही शानदार क्रिएटिव कंपनी है और boAt का पूरा क्रिएटिव प्रोग्राम और स्ट्रेटेजी वरुण और उनकी टीम ने बनाया है. अमन बोले मुझे तो ये भी नहीं पता था कि क्या करना होता है, कैसे करना होता है लेकिन शुरुआती दिनों में इनके काम से बोट को बहुत मदद मिली, ‘थैंक्यू’.
इससे पहले क्या करते थे पूजा-वरुण?
वरुण ने इससे पहले ग्लिच क्रिएटिव कंपनी शुरू की थी, जिसमें पूजा सीईओ बनी थीं. उसका 2017-18 में WPP ने अधिग्रहण कर लिया. पूजा 15 साल की उम्र से ही काम कर रही हैं. 25 साल की उम्र में वह टाइम्स ऑफ इंडिया की मार्केटिंग मैनेजर बन गई थीं. 26 साल की उम्र में वरुण से मिली, 27 साल की उम्र में ग्लिच की सीईओ बन गईं. वहीं 35 साल की उम्र में वह ग्रुप सीईओ बनीं ग्लिच और 4 अन्य एजेंसियों की. और 39 साल की उम्र में EMoMee की शुरुआत की. बता दें कि पूजा और वरुण के भी दो बच्चे हैं.
बच्चों को सिखाते हैं लाइफ-स्किल्स
पूजा-वरुण ने माता-पिता बनने के बाद ये समझा कि स्कूल तो बच्चों को बहुत कुछ सिखाता है, लेकिन ऐसी भी बहुत सारी चीजों होती हैं, जो बच्चे स्कूल के बाहर से सीखते हैं. जैसे, पैसा, हेल्थ और इमोशन्स को समझना और मैनेज करना. पूजा का दावा है कि रिसर्च कहती है बच्चे लाइफ स्किल्स को खेल और स्टोरी से बहुत अच्छे से समझते हैं. यह स्टार्टअप अपने वीडियो 3 साल से 8 साल तक के बच्चों के लिए बनाए जाते हैं.
क्या है कंपनी का फ्यूचर प्लान?
अभी इस स्टार्टअप के डेढ़ मिलियन से भी ज्यादा सब्सक्राइबर हैं और उनके वीडियो पर करोड़ों व्यूज़ हैं. कंपनी डेटा और एआई को खूब इस्तेमाल करती है. अभी कंपनी सिर्फ यूट्यूब वीडियो बना रही है, लेकिन इस साल मार्च के महीने तक कंपनी अपना पहला प्ले एरिया लॉन्च करने वाला है. इसमें कंपनी अपने फिजिकल प्रोडक्ट लॉन्च करेगी. यह स्टार्टअप स्क्रीन, स्टेज और शॉप तीनों एक जगह लाना चाहता है. यह स्टार्टअप भारत का वॉल्ट डिज्नी बनना चाहता है.
बिजनेस मॉडल क्या है?
यह स्टार्टअप बैंक के साथ मिलकर फाइनेंशियल लिट्रेसी की वीडियो भी बनाते हैं. यानी वह कंपनियों के साथ ब्रांड डील्स भी करते हैं. यह स्टार्टअप खुद कंपनियों को रीच करता है. कई मॉल में कैरेक्टर के साथ 50 लाख का रेवेन्यू भी जनरेट कर लिया है. कंपनी अभी प्री-रेवेन्यू है. आने वाले वक्त में कंपनी अपने प्रोडक्ट्स और प्ले एरिया से पैसे जनरेट करेगी. अनुपम मित्तल ने ग्लोबल ऑडिएंस के लिए सब्सक्रिप्शन मॉडल भी लाने का आइडिया दिया, जिस पर हो सकता है फ्यूचर में कंपनी के फाउंडर्स सोचें.
अब तक उठाई है कितनी फंडिंग?
इस स्टार्टअप ने अगस्त 2024 में 42 करोड़ रुपये के वैल्युएशन पर करीब 8.3 करोड़ रुपये की फंडिंग उठाई हुई है. बता दें कि यह फंडिंग कंपनी ने तब उठाई, जब वह अभी शुरू भी नहीं हुई थी. इस कंपनी में 57 फीसदी इक्विटी पूजा के पास है, जो कंपनी की सीईओ भी हैं. वहीं 21.5 फीसदी इक्विटी वरुण के पास और बची हुई 21.5 फीसदी इक्विटी तीसरे को-फाउंडर के पास है.
फाउंडर्स ने 2 फीसदी इक्विटी के बदले मांगे 1 करोड़ रुपये
स्टार्टअप फाउंडर्स ने 2 फीसदी इक्विटी के बदले 1 करोड़ रुपये की मांग की. नमिता ने सबसे पहले ऑफर दिया और वही पैसे ऑफर किए जो फाउंडर्स ने मांगे थे. उनके बाद अमन, मोहित और कुणाल बहल ने भी फाउंडर्स के ऑफर को स्वीकार कर लिया. अनुपम ने 5 फीसदी इक्विटी के बदले 2 करोड़ रुपये देने की पेशकश की.
जब अमन अनुपम से बोले- ‘आपकी कई कंपनियां बंद क्यों हो गईं’
इस स्टार्टअप में पैसे लगाने की होड़ में अमन और अनुपम में छोटी सी बहस भी हो गई. अनुपम ने कहा कि इस दुनिया में उनसे अच्छा डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन कोई नहीं जानता. इस पर अमन बोले तो फिर तुम्हारी कुछ कंपनियां बंद कैसे हो गईं. इस पर अनुपम ने पलटवार किया कि तुम्हारी तो नौकरी ही नहीं बची.
नमिता और अमन ने लगाए 1-1 करोड़ रुपये
अंत में कुणाल, मोहित और नमिता ने साथ आने का ऑफर दिया. फाउंडर्स ने कहा कि वह नमिता और अमन को साथ लाना चाहते हैं. हालांकि, उन्होंने कुणाल के ऑफर को मना कर दिया. आखिरकार फाउंडर्स ने नमिता और अमन को 1-1 करोड़ रुपये और 2-2 फीसदी इक्विटी लेकर कंपनी में आने का ऑफर दिया, जिस पर डील पक्की हो गई.

Conclusion
EMoMee सिर्फ बच्चों को एंटरटेन करने वाला कंटेंट स्टार्टअप नहीं है, बल्कि यह अगली पीढ़ी को जरूरी लाइफ स्किल्स सिखाने की कोशिश कर रहा है. अनुभवी फाउंडर्स, मजबूत डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन और साफ विजन की वजह से शार्क्स का भरोसा इस स्टार्टअप पर दिखा. अमन और नमिता की एंट्री से EMoMee को न सिर्फ पूंजी मिली है, बल्कि ब्रांड बिल्डिंग और स्केलिंग में भी बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. EMoMee स्टार्टअप क्या करता है?
EMoMee बच्चों के लिए यूट्यूब पर स्टोरी-बेस्ड वीडियो बनाता है, जो एंटरटेनमेंट के साथ लाइफ स्किल्स सिखाते हैं.
Q2. EMoMee के फाउंडर्स कौन हैं?
इस स्टार्टअप के फाउंडर्स पूजा जौहरी, वरुण डुग्गीराला और एक तीसरे को-फाउंडर हैं.
Q3. EMoMee का टारगेट ऑडियंस कौन है?
यह कंटेंट खासतौर पर 3 से 8 साल के बच्चों के लिए बनाया जाता है.
Q4. Shark Tank India में EMoMee को कितनी फंडिंग मिली?
अमन गुप्ता और नमिता थापर ने 1–1 करोड़ रुपये निवेश किए, बदले में 2–2 फीसदी इक्विटी ली.
Q5. EMoMee का फ्यूचर प्लान क्या है?
कंपनी प्ले एरिया, फिजिकल प्रोडक्ट्स, ब्रांड डील्स और भविष्य में सब्सक्रिप्शन मॉडल पर काम करने की योजना बना रही है.
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