यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेनी सेना ने केवल जमीनी रोबोटिक सिस्टमों और डोन का उपयोग करके एक रूसी ठिकाने पर कब्जा कर लिया। जेलेंस्की ने सोमवार को कहा कि इस युद्ध के इतिहास में पहली बार, दुश्मन के एक ठिकाने पर पूरी तरह से मानवरहित प्लेटफार्मों, जमीनी प्रणालियों और ड्रोन द्वारा कब्जा किया गया।

यूक्रेनी रोबोट ब्रिगेड ने 22,000 मिशन पूरे किए
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि रूसी सैनिकों के एक समूह ने इस बिना इंसानों वाले लड़ाकू दस्ते के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले तीन महीनों में यूक्रेन ने बिना इंसानों वाले सिस्टम का इस्तेमाल करके 22,000 मिशन पूरे किए हैं, जिससे हजारों लोगों की जान बचाई जा सकी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने यह नहीं बताया कि यह बढ़त किस जगह हासिल की गई थी। रूस की तरफ से यूक्रेन के इस दावे पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की गई है।
जेलेंस्की ने रोबोट ब्रिगेड की तारीफ की
जेलेंस्की ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “भविष्य अभी से युद्ध के मोर्चे पर आ चुका है—और यूक्रेन इसे साकार कर रहा है। ये हमारे जमीनी रोबोटिक सिस्टम हैं। इस युद्ध के इतिहास में पहली बार, दुश्मन के किसी ठिकाने पर पूरी तरह से बिना इंसानों वाले प्लेटफॉर्म—यानी जमीनी सिस्टम और ड्रोन—की मदद से कब्जा किया गया है। कब्जा करने वाले सैनिकों ने आत्मसमर्पण कर दिया, और यह ऑपरेशन बिना किसी पैदल सेना के और हमारी तरफ बिना किसी नुकसान के पूरा किया गया।”
हमने जर्मनी को विभिन्न प्रकार के ड्रोन, मिसाइल, सॉफ्टवेयर और आधुनिक रक्षा प्रणालियों को शामिल करते हुए एक द्विपक्षीय ड्रोन समझौते का प्रस्ताव दिया है। हमारी टीम ठोस काम शुरू कर रही हैं।
वोलोडिमिर जेलेंस्की, यूक्रेन के राष्ट्रपति
जर्मनी के साथ हथियार बनाएगा यूक्रेन
यूक्रेन और जर्मनी उन्नत ड्रोन और युद्ध में परखी गईं अन्य रक्षा प्रणालियों का उत्पादन संयुक्त रूप से करने की योजना पर काम कर रहे हैं। यूक्रेन, रूस के पूर्ण आक्रमण के खिलाफ पिछले चार साल से अधिक समय से जारी युद्ध को और तेज करने की कोशिश कर रहा है और इस लिहाज से जर्मनी के साथ रक्षा क्षेत्र को लेकर बनी सहमति अहम है। रूस ने अब तक यूक्रेन के लगभग 20 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा कर लिया है। इसमें क्रीमिया प्रायद्वीप भी शामिल है, जिसे रूस ने 2014 में अपने कब्जे में ले लिया था।



