Rupee vs Dollar: रुपया डॉलर के मुकाबले ऑल-टाइम लो पर, अमेरिका-ईरान घमासान के बीच क्यों आई गिरावट? – rupee hits record low of 95.40 per dollar as fading hopes of us-iran peace spotlight economic risks
भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले आज ऑल-टाइम लो पर चला गया। अमेरिकी करेंसी के मुकाबले यह 0.3 फीसदी की गिरावट के साथ 95.40 पर आ गया। पिछले हफ्ते यह 95.33 तक गिरा था और कल यह ऑल टाइम लो पर बंद हुआ था।
डॉलर के मुकाबले रुपया आज ऑल टाइम लो पर चला गया।
नई दिल्ली: भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले आज ऑल-टाइम लो पर चला गया। डॉलर के मुकाबले यह 0.3 फीसदी की गिरावट के साथ 95.40 पर आ गया। पिछले हफ्ते 95.33 तक गिरा था और कल यह ऑल टाइम लो पर बंद हुआ था। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से वहां शांति बहाली की उम्मीदों को झटका लगा है। इससे खासकर भारत के लिए जोखिम बढ़ गया है क्योंकि हमारा अधिकांश तेल बाहर से आता है। तेल की कीमत बढ़ने इंपोर्ट बिल बढ़ने का खतरा है। कच्चा तेल अभी मामूली गिरावट के साथ 113 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।
भारत के साथ-साथ इंडोनेशिया की करेंसी रुपये और फिलीपींस की पेसो में भी गिरावट आई। ये दोनों देश भी काफी हद तक तेल के आयात पर निर्भर हैं। जानकारों का कहना है कि अगर पश्चिम एशिया में लंबे समय तक तनाव बना रहता है तो इससे तेल की कीमत उच्च स्तर पर बनी रहेगी। इससे भारत का चालू खाते का घाटा बढ़ेगा, ग्रोथ प्रभावित होगी और महंगाई में बढ़ोतरी होगी। विदेशी निवेशकों की खरीदारी भी रुपये के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। मार्च से अब तक विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में 20 अरब डॉलर से अधिक की बिकवाली कर चुके हैं।
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से रुपया डॉलर के मुकाबले ऑल-टाइम लो पर
डॉलर के मुकाबले यह 0.3 फीसदी की गिरावट के साथ 95.40 पर आ गया
भारत के साथ-साथ इंडोनेशिया और फिलीपींस की करेंसी में भी गिरावट आई
एशिया के ज्यादातर देश काफी हद तक तेल के आयात पर निर्भर हैं
शेयर बाजार में गिरावट
घरेलू शेयर बाजार में भी आज गिरावट दिख रही है। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स में 400 अंक की गिरावट आई है जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 24,000 अंक से नीचे आ गया। सुबह 9.53 बजे सेंसेक्स 211.00 अंक यानी 0.27% की गिरावट के साथ 77,058.40 अंक पर ट्रेड कर रहा था। निफ्टी 69.05 अंक यानी 0.29% फिसलकर 24,050.25 अंक पर आ गया। इंडिगो और टेक महिंद्रा के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई है।
लेखक के बारे मेंदिल प्रकाशदिल प्रकाश नवभारत टाइम्स (NBT) डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं और वर्तमान में प्लेटफॉर्म के बिजनेस सेक्शन (Business Section) में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। पत्रकारिता जगत में उनके पास 20 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव (Experience) है, जो उन्हें आर्थिक नीतियों, कॉरपोरेट मामलों और मैक्रो-इकोनॉमिक्स का एक प्रामाणिक विशेषज्ञ बनाता है। पिछले 5 वर्षों से वे NBT डिजिटल के साथ जुड़कर पाठकों तक बिजनेस की जटिल खबरों को सटीक और सरल भाषा में पहुंचा रहे हैं।विशेषज्ञता और अनुभव (Expertise & Authoritativeness):वित्तीय पत्रकारिता: देश के प्रतिष्ठित वित्तीय समाचार पत्र ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ (Business Standard) में काम करने का व्यापक अनुभव, जो आर्थिक और शेयर बाजार से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ को प्रमाणित करता है।पॉलिसी और मैक्रो-इकोनॉमिक्स: संसद (Parliament) और विदेश मामलों की रिपोर्टिंग के अनुभव ने उन्हें सरकारी नीतियों, केंद्रीय बजट और व्यापारिक कूटनीति (Business Diplomacy) का सूक्ष्म विश्लेषक बना दिया है।डिफेंस इकोनॉमी: उन्होंने प्रतिष्ठित ‘डिफेंस करस्पोंडेंट कोर्स’ किया है, जो रक्षा बजट, रक्षा क्षेत्र में एफडीआई (FDI) और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी अर्थव्यवस्था को कवर करने में उन्हें एक विशिष्ट बढ़त (Edge) देता है।विश्वसनीयता (Trustworthiness):अपने लंबे करियर में दिल प्रकाश ने बीबीसी हिंदी (BBC Hindi) और देश की प्रमुख न्यूज एजेंसी यूनीवार्ता (Univarta) जैसे उच्च-विश्वसनीयता वाले संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।शिक्षा: उन्होंने नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारतीय विद्या भवन संस्थान से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट (PG) डिप्लोमा किया है।… और पढ़ें