RRP Semiconductor Ltd Share trading closed last 4 days after huge return of 5881 percent ₹185 का शेयर 5881% चढ़ गया, BSE भी हैरान, एक्शन के बाद बंद करना पड़ा ट्रेडिंग, Business Hindi News


संक्षेप:

इस साल अब तक यह शेयर 5,881.11% चढ़ गया है। इस दौरान इसकी कीमत 185 रुपये से बढ़कर 11,094.95 रुपये पर आ गई थी। कंपनी के शेयरों में आखिरी बार कारोबार 15 दिसंबर को हुआ था।

RRP Semiconductor Ltd Share: सोशल मीडिया पर अचानक चर्चा में आए आरआरपी सेमीकंडक्टर लिमिटेड के शेयरों की ट्रेडिंग पर अब एक्सचेंज ने कड़ा शिकंजा कस दिया है। ताजा अपडेट के मुताबिक, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने इस शेयर को “निगरानी उपायों के कारण व्यापार प्रतिबंधित है” कैटेगरी में डाल दिया है। शेयर को ‘दीर्घकालिक अतिरिक्त निगरानी ढांचा’ के स्टेज-1 और GSM फ्रेमवर्क के स्टेज-0 में रखा गया है। BSE की वेबसाइट पर निवेशकों के लिए साफ चेतावनी भी दिखाई जा रही है, जिससे यह संकेत मिलता है कि स्टॉक की चाल पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। बता दें कि इस साल अब तक यह शेयर 5,881.11% चढ़ गया है। इस दौरान इसकी कीमत 185 रुपये से बढ़कर 11,094.95 रुपये पर आ गई थी। कंपनी के शेयरों में आखिरी बार कारोबार 15 दिसंबर को हुआ था।

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लगातार चढ़ रहा था शेयर

आंकड़ों पर नजर डालें तो आरआरपी सेमीकंडक्टर लिमिटेड की तेजी वाकई हैरान करने वाली रही है। पिछले साल 10 सितंबर से इस साल 7 नवंबर तक कुल 289 ट्रेडिंग सेशंस में से 287 सेशंस में शेयर में बढ़त रही, जबकि सिर्फ दो दिन शेयर बिना बदलाव के बंद हुआ। अक्टूबर 2024 से इस स्टॉक पर 2% का सर्किट लिमिट लगाया गया था, जो अक्टूबर 2025 तक बना रहा। 11 अक्टूबर के बाद इसे अतिरिक्त निगरानी में डाल दिया गया, जिसके चलते अब इसमें सिर्फ हफ्ते में एक बार ट्रेडिंग होती है और वो भी 1% के प्राइस बैंड में। पिछले छह सोमवारों में शेयर हर बार 1% गिरकर बंद हुआ है। दिलचस्प बात यह है कि इतनी जबरदस्त तेजी के बावजूद शेयर में ट्रेडिंग वॉल्यूम बेहद कम रहा। इन 289 दिनों में सबसे ज्यादा 2,147 शेयरों का कारोबार 18 सितंबर को हुआ था, जबकि औसतन वॉल्यूम सिंगल डिजिट या बहुत कम डबल डिजिट में ही रहा। कंपनी की ताज़ा एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक, आरआरपी सेमीकंडक्टर लिमिटेड में सिर्फ दो फुल-टाइम कर्मचारी हैं, जो निवेशकों के लिए चिंता का बड़ा कारण माना जा रहा है।

कंपनी के प्रमोटरों के पास 90% से ज्यादा शेयर

कंपनी के प्रमोटर और हिस्सेदारी की तस्वीर भी काफी सिमटी हुई है। सितंबर की शेयरहोल्डिंग के अनुसार, 90% से ज्यादा शेयर राजेंद्र चोडणकर और उनके करीबी लोगों के पास हैं। रिटेल निवेशकों की संख्या महज़ 528 है, जिनकी कुल हिस्सेदारी सिर्फ 1.12% है। अप्रैल में कंपनी ने एक फाइलिंग में कहा था कि वह प्रेफरेंशियल शेयरों की मंजूरी वापस लेने के आदेश को लेकर जरूरी कदम उठा रही है। कुल मिलाकर, एक्सचेंज की सख्ती और असामान्य ट्रेडिंग पैटर्न को देखते हुए निवेशकों को इस शेयर में खास सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।



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