पाकिस्तान सुपर लीग में एक भारी बवाल देखने को मिला। कीवी बल्लेबाज डेरिल मिचेल ने उस्मान तारिक की बॉलिंग को खेलने से ही मना कर दिया।

उस्मान तारिक और मिचेल के बीच बवाल
मिचेल के इस कदम के बाद मैदान पर दोनों टीमों के खिलाड़ियों और अंपायरों के बीच काफी देर तक बहस होती रही। उस्मान तारिक का बॉलिंग एक्शन लंबे समय से चर्चा और विवादों का विषय रहा है। तारिक का तर्क है कि उनके कोहनी के जोड़ में प्राकृतिक रूप से डबल-जॉइंट की समस्या है जिसकी वजह से उनके हाथ की मूवमेंट प्रतिबंधित रहती है और गेंदबाजी के समय वह रुकते हुए नजर आते हैं।
हालांकि बल्लेबाज इसे खेल की भावना और एकाग्रता भंग करने वाला मानते हैं। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज के दौरान कैमरून ग्रीन ने भी तारिक की गेंद पर आउट होने के बाद चकिंग का इशारा कर विवाद को हवा दी थी।
मैच में क्या हुआ?
मैच की बात करें तो क्वेटा ग्लैडिएटर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 182 का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। कप्तान राइली रूसो ने कप्तानी पारी खेलते हुए 53 रन बनाए जबकि सऊद शकील (42) और हसन नवाज (39) ने मध्यक्रम में उपयोगी योगदान दिया। पारी के अंत में जहांदाद खान की 21 रनों की तेजतर्रार पारी ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। रावलपिंडीज की ओर से बेन सियर्स सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने तीन विकेट चटकाए।
क्वेटा ने जीता मुकाबला
183 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी रावलपिंडीज की टीम क्वेटा के स्पिन जाल में पूरी तरह उलझ गई। ग्लैडिएटर्स के स्पिनर्स ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर विपक्षी टीम को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। उस्मान तारिक, सऊद शकील, अबरार अहमद और काशिफ भट्टी की चौकड़ी ने मिलकर छह शिकार किए और पूरी टीम को महज 121 रनों पर समेट दिया। इस शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन की बदौलत क्वेटा ने यह मुकाबला एकतरफा अंदाज में अपने नाम किया।



