ओलंपियन बॉक्सर आशीष चौधरी ने प्रदेश सरकार से अपील की कि उनकी पत्नी और अंतरराष्ट्रीय जूडो खिलाड़ी इमुनगान्बी को ओलंपिक तक पहुंचने के लिए पूरी सुविधाएं दी जाएं। आशीष ने कहा कि 2028 के लॉस एंजेलिस ओलंपिक में भारत के लिए जूडो में मेडल लाने की सबसे बड़ी उम्मीद इमुनगान्बी से है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक ओलंपिक खिलाड़ी के तौर पर उन्हें सिर्फ एक लाख रुपये का इनाम मिला, जबकि 2021 में अन्य राज्यों के खिलाड़ियों को 20 से 25 लाख रुपये तक दिए गए। मौजूदा सरकार की खेल नीति में भी उन्हें कोई प्रमोशन या बड़ा इनाम नहीं मिला। आशीष बोले कि यदि सरकार सचमुच हिमाचल को ओलंपिक मेडल दिलाना चाहती है, तो उनकी पत्नी को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग और सुविधाएं तुरंत उपलब्ध करानी होंगी।
आशीष और इमुनगान्बी की मुलाकात 2021 में बंगलूरू के इंडिया कैंप में हुई थी। दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीवनभर का सफर तय करने का फैसला किया। टोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले आशीष चौधरी की तरह इमुनगान्बी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी हैं। वे चार बार नेशनल चैंपियन, दो बार नेशनल गेम्स चैंपियन और कॉमनवेल्थ खेलों की रजत पदक विजेता रह चुकी हैं। हाल ही में उन्होंने जॉर्डन के अम्मान में आयोजित जूडो एशिया कप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।


