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अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 30 Aug 2025 11:53 AM IST
हिमाचल प्रदेश में अप्रतिबद्ध व्यय के तहत सब्सिडी वर्ष 2019-20 के 1,067.78 करोड़ से बढ़कर 2023-24 में 1,768.35 करोड़ रुपये हो गई।
कैग – फोटो : संवाद
विस्तार
पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) पर कैग ने टिप्पणी की है कि आने वाले वित्तीय बोझ को ध्यान में रखा जाना चाहिए। हिमाचल प्रदेश में अप्रतिबद्ध व्यय के तहत सब्सिडी वर्ष 2019-20 के 1,067.78 करोड़ से बढ़कर 2023-24 में 1,768.35 करोड़ रुपये हो गई। वर्ष 2019-24 के दौरान अप्रतिबद्ध राजस्व व्यय में इसका भाग 9.16 प्रतिशत से 13.64 प्रतिशत तक रहा। इस अवधि में कुल उपदान में बिजली सब्सिडी का 35 प्रतिशत से 53 प्रतिशत तक उल्लेखनीय भाग रहा। वर्ष 2023-24 में राज्य सरकार ने 731.09 करोड़ रुपये के उधार पर गारंटी दी। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की ओर से सदन के पटल पर कैग का वर्ष 2023-24 का वित्तीय प्रतिवेदन रखा। कैग रिपोर्ट के अनुसार राज्य सरकार ने एक अप्रैल 2023 से पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को अधिसूचित कर वापस बहाल कर दिया। राज्य की ऋण धारणीयता का आकलन करते समय आगामी वर्षों में पुरानी पेंशन योजना के लागू होने से आने वाले वित्तीय बोझ को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।