नोएडा और ग्रेनो में बुधवार को यमुना नदी उफान पर रही। लगभग पूरा डूब क्षेत्र जलमग्न हो गया। सेक्टर-151 और 150 के समेत डूब क्षेत्र मेें बने फार्म हाउस डूब गए हैं। जिले के 14 से अधिक गांव बाढ़ प्रभावित हैं। डूब क्षेत्र से 20,000 से अधिक लोगों को बाहर निकाला गया है। इनमें करीब 2500 लोगों को शरणालयों में जगह दी गई है। जबकि बड़ी संख्या में लोगों ने पुश्ता पर डेरा डाल दिया है।
हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जा रहे पानी के कारण गौतमबुद्ध नगर में यमुना उफान पर है। नोएडा से लेकर ग्रेटर नोएडा और जेवर तक डूब क्षेत्र का ज्यादातर हिस्सा जलमग्न हो गया है। बुधवार को हालात खराब होते चले गए। ओखला बैराज पर जलस्तर 200.20 मीटर पहुंच गया है। जो खतरे के निशान से मात्र 0.40 मीटर नीचे है। बुधवार शाम तक यमुना का जलस्तर शाम लगातार बढ़ रहा था। यमुना का पानी पुश्ते तक पहुंच गया है।
इस बीच जिला प्रशासन ने बचाव अभियान तेज कर दिया है। करीब 20 हजार से अधिक लोगों के साथ ही करीब 3000 हजार मवेशियों को भी बाहर निकला गया। इनमें से प्रशासन के पुश्ता शिविर में 1471 गोवंशों को पहुंचाया गया।
छह रिस्पांस और एक एंटी स्नेक वेनम टीम तैनात : प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में छह रिस्पांस टीमें तैनात कर दी हैं। सभी टीमों को तत्काल मदद के लिए मौके पर पहुंचने को कहा गया है। साथ ही एक एंटी स्नेक वेनम टीम को भी तैनात की गई है। जिससे सांप काटने की घटना होने पर पीड़ित को तत्काल इलाज मिल सके।
बारिश ने बढ़ा दीं मुश्किलें
बाढ़ के कारण डूब क्षेत्र के लोगों ने पुश्ता पर डेरा डाला हुआ है, लेकिन वहां बारिश उनकी मुश्किलें बढ़ा रही है। तिरपाल के नीचे बसेरा बनाने वाले लोग बारिश के दौरान बचाव करते दिखे। बारिश से उनका सामान भी भीग गया। हालांकि प्रशासन की तरफ से तिरपाल भी उपलब्ध कराई गई, लेकिन वो काफी नहीं थी।
हिंडन के निचले इलाकों में घुसा पानी
हिंडन नदी में भी जलस्तर बढ़ने से चोटपुर, छिजारसी समेत आसपास के इलाकों में घरों में पानी भर गया है। हालत बिगड़ते देख कई लोग घर खाली करके रिश्तेदारों और परिचितों के यहां पहुंच गए हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि सुबह से ही नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। दोपहर तक पानी कई घरों के अंदर तक पानी घुस गया।
छह मेडिकल टीमें गठित प्रभावित क्षेत्रों में शिविर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में बुधवार से स्वास्थ्य शिविर लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। पहले दिन खुजली, सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीज पहुंचे। एक मरीज ने 108 नंबर पर कॉल करके एंबुलेंस मंगवाई और उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। विभाग क्लोरीन की गोलियां भी वितरित कर रहा है।
एक दिन बाद कंट्रोल रूम नंबर जारी
प्रशासन ने बुधवार को कंट्रोल रूम का नंबर भी जारी किया है। अफसरों ने बताया कि अगर कोई फंसा है या फिर किसी तरह की मदद चाहिए तो वो कंट्रोल रूम नंबर 0120-2978231, 32 व 33 पर फोन कर जानकारी दे सकते हैं। इस बीच प्रशासन की दादरी और सदर तसहील की टीमों ने 300 किट का वितरण किया है।
नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर में भी भरा पानी
शहर में बेहतर जलनिकासी की व्यवस्था का दावा करने वाले नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर में जलभराव हो गया। बुधवार दोपहर हुई तेज बारिश से सेक्टर-6 स्थित दफ्तर के चारों तरफ सड़कें-फुटपाथ पानी में डूब गए। प्राधिकरण कार्यालय के अंदर लोग एक विभाग से दूसरे विभाग में जूते भिगोकर या हाथ में लेकर पहुंचे। वहीं कुछ सामान लेकर पहुंचे लोगों ने जलभराव से बचने के लिए दफ्तर के अंदर ई-रिक्शे का भी सहारा लिया।
वहीं बुधवार को फेज-1 औद्योगिक क्षेत्र में कई सेक्टर की सड़कें देर तक जलमग्न रहीं। जलभराव के चलते ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित हुई। डीएनडी, उद्योग मार्ग, सेक्टर-59, सेक्टर-62 मॉडल टाउन गोल चक्कर पर जाम जैसी स्थिति बनी। बारिश, जलभराव, जाम से लोग परेशान हुए। बारिश से सेक्टर-1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 15, 27, 59, 60, 63, 66 समेत फेज-2 औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव हुआ। सेक्टर-12 व 22 में तो घरों के बीच बारिश का पानी भर गया।
सेक्टर-27 से सेक्टर-37 की ओर जाने वाली सड़क पर जीआईपी के सामने जलभराव हुआ। इसी तरह सेक्टर-60, 71, 32 अंडरपास का पानी भी तुरंत नहीं निकल पाया। सेक्टर-95 दलित प्रेरणा स्थल के सामने हुए जलभराव में दिल्ली की ओर जाने वाला ट्रैफिक फंस गया। वहीं बारिश के बाद सेक्टर 78, सेक्टर 44, सेक्टर 56, 119, 150, 135, समेत कुछ सोसाइटियां, जिनमें महागुन मेजरिया व अन्य सोसाइटियों में बिजली फॉल्ट की समस्या देखने को मिली।


