EPFO का बड़ा बदलाव: PF निकालना और ट्रांसफर करना होगा आसान, आपका पूरा काम करेंगे लाइसेंसधारी एजेंट!


संजय मिश्र, नई दिल्ली| कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने सदस्यों को उनके ईपीएफ खाते के स्थानांतरण, निकासी, एक से दूसरी नौकरी के बीच की सेवाओं के समायोजन जैसी सेवाओं को सहजता से उपलब्ध कराने के लिए अब सुविधाप्रदाताओं (EPFO Service Agents New Proposal) की तैनाती करेगा। केंद्रीय श्रम मंत्रालय इनकम टैक्स और जीएसटी सेवाओं की सुविधा देने वाले एजेंटों की तर्ज पर ईपीएफओ की सेवाओं के त्वरित समाधान के लिए इन सुविधाप्रदाताओं की जरूरत महसूस कर रहा है।

मंजूरी के लिए बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव

इसके मद्देनजर ही पहली बार ईपीएफओ में लाइसेंसधारक सेवाप्रदाता एजेंट के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के प्रस्ताव को केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया (EPFO Reforms 2026 Mansukh Mandaviya) ने हरी झंडी दे दी है। ईपीएफओ न्यासी बोर्ड की अगली बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए रखा जाएगा। सुविधाप्रदाता एजेंटों को रखे जाने की यह पहल ईपीएफओ सेवाओं के सरलीकरण तथा सुधार के प्रयासों की अगली कड़ी का हिस्सा है।

ट्रेनिंग देकर जारी किए जाएंगे लाइसेंस

इस बारे में श्रम मंत्रालय के शीर्षस्थ आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि ईपीएफओ के सदस्य बड़ी संख्या में निकासी, स्थानांतरण से लेकर अग्रिम जैसी तमाम सेवाओं की प्रक्रियाओं- चाहे कागजी हो या आनलाइन, सहज नहीं होते हैं। इसकी वजह से सामान्य सेवाओं का लाभ लेने में उन्हें दिक्कत या विलंब होता है। ईपीएफओ सेवाप्रदाता इसमें समाधान एजेंट की भूमिका निभाएंगे।

श्रम मंत्रालय ने सेवाप्रदाता एजेंट बनाने की जो रूपरेखा बनाई है, उसमें इनका चयन कर पहले पूरी ट्रेनिंग (EPFO Licensed Agents Training) दी जाएगी। इसके उपरांत चयनित सेवाप्रदाताओं को लाइसेंस जारी किए जाएंगे, जो देश भर के ईपीएफओ कार्यालयों में खाताधारकों को त्वरित सुविधा दिलाने में मदद करेंगे।

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सेवाओं के लिए सरकार तय करेगी शुल्क

सेवाप्रदाता एजेंटों को कोई वेतन नहीं मिलेगा, बल्कि ईपीएफ की अलग-अलग सेवाओं के लिए सरकार द्वारा मामूली सुविधा शुल्क तय किए जाएंगे। खाताधारक इन तय शुल्कों का भुगतान कर ईपीएफ सेवाओं का यथाशीघ्र लाभ ले सकते हैं। श्रम मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, ईपीएफओ की न्यासी बोर्ड की फरवरी में होने वाली बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए रखा जाएगा। न्यासी बोर्ड ही ईपीएफओ से जुड़े सभी नीतिगत मामलों तथा प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय करती है।

ईपीएफओ 2.0 के तहत कई सुधार लागू हुए

वैसे ईपीएफओ 2.0 (EPFO 2.0) के तहत हुए सुधारों के तहत खाताधारकों के लिए कई आनलाइन सेवाएं पहले ही लागू की जा चुकी हैं। इनसे पीएफ निकासी से लेकर खाता ट्रांसफर जैसी सुविधाएं काफी सहज हुई हैं। इसी कड़ी में अगला लक्ष्य ईपीएफ खाताधारकों को यूपीआइ के जरिये तत्काल रकम निकालने की सुविधा प्रदाना करना है।

श्रम मंत्री मांडविया पहले ही इस वर्ष मार्च तक ईपीएफ खातों को यूपीआइ से जोड़ने की घोषणा कर चुके हैं। इसके बाद एटीएम (EPFO ATM Withdrawal March 2026) सुविधा देने की पहल भी गति पकड़ेगी। ईपीएफओ में सुधारों का नतीजा ही है कि दिसंबर 2025 तक करीब 65.75 लाख पीएफ खातों का सहज ट्रांसफर हो चुका है। जबकि इसी अवधि में 4.60 करोड़ दावों का निस्तारण किया गया और 70 लाख से अधिक पेंशनधारकों को निर्बाध रूप से मासिक पेंशन मिल रहा है।



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