Dharmendra Pradhan News,’उमर खालिद और शरजील इमाम को रिहा करो’, गोवा में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के जश्न में उठी मांग, तनाव – umar khalid release demand in dharmendra pradhan resignation celebration panaji row – Panaji News


धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर हुए जश्न के दौरान कथित तौर पर जेल में बंद छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद के समर्थन में बयान देने के आरोप में पणजी में दो युवकों को हिरासत में लिया गया। आजाद मैदान में एक समूह प्रधान के इस्तीफे का जश्न मना रहा था तभी दानिश नाम के एक युवक ने खालिद के समर्थन में नारे लिखी एक तख्ती दिखाने लगा।

Umar Khalid
उमर खालिद को रिहा करने की मांग
पणजी : गोवा के पणजी में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। यहां प्रदर्शनकारियों का एक समूह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जीत का जश्न मनाने के लिए इकट्ठा हुआ। इस दौरान उन्होंने एक प्लेकार्ड दिखाया जिस पर लिखा था कि उमर खालिद, शरजील इमाम को रिहा करो। प्रदर्शनकारियों और बीजेपी सदस्यों के बीच मामूली हाथापाई भी हुई, जब कथित तौर पर एक प्रदर्शनकारी ने उनके खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया। पुलिस ने तुरंत दखल दिया और दोनों समूहों को कानून अपने हाथ में लेने से रोका।

प्रदर्शनकारी आजाद मैदान में जमा हुए थे, तभी प्लेकार्ड दिखाया गया। पुलिस ने प्लेकार्ड पकड़े हुए व्यक्ति को हिरासत में ले लिया, जिससे गोवा पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों और बीजेपी सदस्यों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।

भारी पुलिस फोर्स लगाई गई

प्रदर्शनकारियों ने उस व्यक्ति की रिहाई की मांग की और उसे तुरंत रिहा करने के लिए नारे लगाए। बीजेपी सदस्यों ने सवाल उठाया कि केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे का जश्न मनाने के लिए आयोजित सभा में उमर खालिद और शरजील इमाम का मुद्दा उठाने का क्या मतलब है। यह टकराव कुछ देर तक जारी रहा, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में किया और मामले को और बढ़ने से रोका।

जेल में है उमर खालिद

खालिद अभी 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में जेल में है। विरोध-प्रदर्शन वाली जगह पर मौजूद एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने दानिश को हिरासत में ले लिया, क्योंकि उसने कथित तौर पर अपनी पहचान बताने से इनकार कर दिया था।

रिहाई के लिए निकाला मार्च

उसे हिरासत में लिए जाने के बाद, उस ग्रुप के सदस्यों ने उसकी रिहाई की मांग करते हुए पुलिस हेडक्वार्टर तक मार्च किया। एक अधिकारी ने बताया कि बाद में पुलिस ने सुदिन दलवी नाम के एक और व्यक्ति को हिरासत में ले लिया, जिसने कथित तौर पर खालिद का समर्थन किया था और मीडियाकर्मियों के साथ बदसलूकी की थी।

पुलिस ने कहा कि दोनों व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इस बीच, भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के नेताओं ने पणजी पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया और दोनों युवकों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई की मांग की। BJYM गोवा के अध्यक्ष तुषार केलकर ने पुलिस से गैर-जमानती अपराधों के तहत मामला दर्ज करने की मांग की और आरोप लगाया कि दोनों ने एक “राष्ट्र-विरोधी” व्यक्ति का समर्थन किया था।

शशि मिश्रा

लेखक के बारे मेंशशि मिश्राशशि पांडेय मिश्रा नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कॉन्टेंट प्रॉड्यूसर (Principal Digital Content Producer) हैं। वह नवभारत टाइम्स में महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, बंगाल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र-प्रदेश, पंजाब-हरियाणा, केरल, गोवा समेत नॉर्थ ईस्ट के राज्य की खबरों पर काम करती हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल पत्रकारिता में उनका 18 साल का लंबा अनुभव है। इस दौरान उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। शशि पांडेय मिश्रा ने सितंबर 2017 में नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन जॉइन किया था। उन्‍होंने अपनी पत्रकारिता के दौरान राजनीति, क्राइम, ह्यूमन ऐंगल स्टोरीज पर काम किया। इस दौरान समाजिक मुद्दों से जुड़े कई स्टिंग भी किए। कई स्पेशल खबरें कीं, जो नेशनल स्तर पर सुर्खियां बनीं। नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में गुजरात चुनाव के दौरान स्पेशल ग्राउंड स्पोर्टिंग की। देश की राजनीति, पर्यावरण, महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दे और क्राइम की खबरें लिखना पसंद है।

देश का राजनीतिक तनाव हो या कूटनीतिक घटनाक्रम, सबसे पहले खबर देना। उस खबर से भारत पर और लोगों पर क्या असर पड़ेगा इस पर काम करना प्राथमिकता है। इसके अलावा भारत और दुनिया भर में बसे हिंदी के पाठकों को खास खबर, खबर की सत्यता, पुष्ट खबरें और वीडियो के जरिए व‍िश्‍लेषण देना शशि पांडेय मिश्रा की पहली प्राथमिकता रहती है।

विशेषज्ञता- भारत का राजनीतिक घटनाक्रम, पर्यावरण, क्राइम, स्वास्थ्य, महिलाओं और बच्चों से संबंधित मुद्दों पर लिखना

पत्रकारिता अनुभव: अखबार, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और डिजिटल मीडिया में 18 साल से कार्यरत

शशि पांडेय मिश्रा ने साल 2007 में पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक जागरण से की। उससे पहले अमर उजाला में इंटर्नशिप की। दैनिक जागरण के बाद आई नेक्स्ट में काम किया। फिर सहारा समय चैनल जॉइन किया। लेकिन लेखन का शौक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से वापस प्रिंट की तरफ ले आया। लखनऊ में कैनविज टाइम्स में काम किया और उसके बाद नवभारत टाइम्स अखबार में। यहां से नवभारत टाइम्स के डिजिटल प्लेटफॉर्म में काम की शुरुआत की। नवभारत टाइम्‍स वेबसाइट में काम करते हुए शानदार कवरेज के लिए कई बार संस्‍थान की ओर से सम्‍मानित किया गया है। इससे पहले भी हर संस्थान में बेस्ट रिपोर्टिंग के अवॉर्ड मिले।

शशि पांडेय मिश्रा ने कानपुर यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी में पोस्ट ग्रैजुएनशन किया है। उसके अलावा विद्या इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट और जर्नलिज्म से पत्रकारिता की पढ़ाई की।

पुरस्कार: दैनिक जागरण कानपुर में पहली महिला पत्रकार होने का सम्मान मिला। आईनेक्स्ट में बेस्ट रिपोर्टर का अवॉर्ड, नवभारत टाइम्स अखबार में बेस्ट रिपोर्टर का अवॉर्ड, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में भी अवॉर्ड मिला।

शशि पांडेय मिश्रा की स्पेशल खबरें
– सरकारी शेल्टर होम में अव्यवस्थाओं के लेकर स्पेशल खबर की। यहां अंदर कोई नहीं जा सकता था तो इस दौरान सफाई कर्मचारी बनकर अंदर गई और स्टिंग किया।
– कानपुर में राहुल गांधी की स्पेशल विजिट के दौरान डॉक्टर बनकर अस्पताल के अंदर गई और स्पेशल खबर निकाली।
– कानपुर जू में जानवरों की हालत और प्रदूषण पर लगातार स्पेशल स्टोरीज कीं, इन छपी खबरों के अखबार संसद के अंदर लहराकर मेनका गांधी ने सवाल उठाए। खबरों को संज्ञान लिया गया और बड़ा एक्शन हुआ।
– लखनऊ में विधानसभा से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक खिलौना पिस्तौल लेकर अंदर घुसी, लखनऊ के नामी स्कूलों में भी पिस्तौल लेकर घूमी और सुरक्षा में सेंध का स्टिंग किया।
– केंद्र सरकार की पालना गृह योजना में हजारों करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा किया। खबरों को हाई कोर्ट ने संज्ञान में लिया और मामले में सीबीआई जांच बैठी।
– महिला सुरक्षा की जांच के लिए पूरी दिन और आधी रात तक 30 किलोमीटर पैदल चली और सुरक्षा के इंतजाम की पोल खोली।
– मायावती के सीएम रहने के दौरान स्पेशल खबर के लिए उस अस्पताल में मरीज बनकर भर्ती हुई, जहां उनकी विजिट थी और स्पेशल कवेज की।… और पढ़ें



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