देश की राजधानी दिल्ली स्थित एक आश्रम में 17 छात्राओं के यौन शोषण का आरोपी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ स्वामी पार्थ सारथी नाटकीय अंदाज में आगरा के ताजगंज के होटल द फर्स्ट में पहुंचा था। 11 घंटे बाद ही दिल्ली पुलिस की टीम पहुंची और बाबा के ठहरने के बारे पूछा। इसके बाद सीधे कमरा नंबर 101 में पहुंची और 15 मिनट पूछताछ के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर दिल्ली ले गई।
ताज व्यू तिराहे के पास पुरानी मंडी की तरफ जाने वाले मार्ग पर दो मंजिला होटल द फर्स्ट है। होटल के मालिक एक भाजपा नेता बताए जा रहे हैं। होटल के कर्मचारी भरत ने बताया कि कमरा नंबर 101 शनिवार दोपहर 12 बजे ही खाली हुआ था। शाम को चार बजे स्वामी पार्थ सारथी आए।
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छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोपी बाबा गिरफ्तार
– फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि एक कार्यक्रम के सिलसिले में आगरा आए हैं। एक दिन के लिए ही कमरा चाहिए। इस पर उन्हें कमरा नंबर 101 दिखाया। उन्हें पसंद आ गया। महिला कर्मचारी ने रजिस्टर में एंट्री दर्ज कराई। उन्होंने अपना नाम स्वामी पार्थ सारथी लिखा मगर मोबाइल नंबर नहीं दिया।
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इसी होटल में ठहरा था चैतन्यानंद सरस्वती
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रात करीब आठ बजे पास के रेस्तरां से खाना मंगवाया
आईडी के रूप में आधार कार्ड जमा कराया। उन्हें कमरा दे दिया गया। इसके बाद उन्होंने किसी से संपर्क नहीं किया। रात करीब आठ बजे पास के रेस्तरां से खाना मंगवाया था। इस दौरान भी वो बाहर की तरफ नहीं आए। रविवार तड़के करीब तीन बजे नीली-लाल रंग की बत्ती लगी दिल्ली नंबर की गाड़ी से दो लोग आए।
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इसी कमरे में ठहरा था चैतन्यानंद सरस्वती
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कमरा नंबर 101 में ठहरा बाबा
उन्होंने होटल में आते ही खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। कहा कि एक बाबा होटल के कमरा नंबर 101 में ठहरे हैं। उनकी रजिस्टर में एंट्री दिखाओ। इस पर कर्मचारी भरत ने रजिस्टर दे दिया। रजिस्टर देखने के बाद दोनों पहली मंजिल पर कमरे में गए।
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इसी कमरे में ठहरा था चैतन्यानंद सरस्वती
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
15 मिनट तक बाब से पूछताछ
कर्मचारी से ही दरवाजा खुलवाया। बाबा के दरवाजा खोलते ही अंदर चले गए। तकरीबन 15 मिनट तक उनसे पूछताछ करते रहे। बाहर कर्मचारी खड़े रहे। बाद में एक ट्रॉली बैग और हैंड बैग के साथ स्वामी पार्थ सारथी को बाहर लेकर आए। बाहर ही कार खड़ी थी जिसमें अन्य कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था।