Bangladeshi Passport Except Israel Restored,बांग्लादेशी पासपोर्ट पर से फिर लगी इजरायल जाने पर पाबंदी, तारिक रहमान का बड़ा फैसला, मंदिर, मस्जिद का फोटो लगाया – bangladesh passport adds except israel new watermarks to feature temple mosque tarique rahman order – Asian countries News


Bangladesh Passport: बांग्लादेशी गृह मंत्रालय के अधिकारियो ने कहा कि यह फैसला पासपोर्ट को बांग्लादेश की विदेश नीति, जनता की भावनाओं और फिलीस्तीन के मुद्दे पर देश के लंबे समय से चले आ रहे रुख के अनुरूप बनाने के लिए लिया गया है।

हाइलाइट्स

  • बांग्लादेश की तारिक सरकार ने पासपोर्ट को बदला
  • नये पासपोर्ट में ‘इजरायल को छोड़कर’ वाक्य डाला गया
  • नये पासपोर्ट में मंदिर, मस्जिद, चर्च समेत दर्जनों तस्वीरें
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बांग्लादेश के नये पासपोर्ट में लगाई गई इजरायल जाने पर पाबंदी।
ढाका: बांग्लादेश ने एक बड़ा डिप्लोमेटिक फैसला करते हुए अपने पासपोर्ट से इजरायल जाने पर फिर से पाबंदी लगा दी है। बांग्लादेशी पासपोर्ट में ‘Except Israel’ यानि ‘इजरायल को छोड़कर’ वाला वाक्य फिर से जोड़ दिया गया है। बांग्लादेशी गृह मंत्रालय ने इस बाबत आधिकारिक आदेश जारी किया है। करीब 6 साल पहले बांग्लादेश ने अपने पासपोर्ट से ‘इजरायल को छोड़कर’ वाला वाक्य हटा लिया था जिसे अब फिर से जोड़ दिया गया है।

बांग्लादेशी गृह मंत्रालय ने आव्रजन और पासपोर्ट विभाग को इस बदलाव को लागू करने के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश भी दिया है। गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया है कि अब जारी होने वाले सभी नए पासपोर्ट पर ‘Except Israel’ लिखा होगा। इसके अलावा पासपोर्ट में सभी धर्मों को सम्मान देने के लिए मंदिर और मस्जिद की तस्वीरें भी जोड़ी गई हैं।

बांग्लादेशी पासपोर्ट से इजरायल की यात्रा नहीं

बांग्लादेशी गृह मंत्रालय के अधिकारियो ने कहा कि यह फैसला पासपोर्ट को बांग्लादेश की विदेश नीति, जनता की भावनाओं और फिलीस्तीन के मुद्दे पर देश के लंबे समय से चले आ रहे रुख के अनुरूप बनाने के लिए लिया गया है। सरकारी आदेश के मुताबिक ई-पासपोर्ट बुकलेट में मौजूद तस्वीरों को फिर से व्यवस्थित किया गया है और डिजाइन में बदलाव, विस्तार और अपडेट किया गया है। साथ ही वॉटरमार्क को भी उसी के अनुसार फिर से डिजाइन किया गया है। आदेश की समीक्षा से पता चलता है कि ई-पासपोर्ट के वॉटरमार्क में कई बदलाव किए गए हैं।
नए वॉटरमार्क में जुलाई 2024 में बांग्लादेश में जो आंदोलन हुआ था उसमें शामिल कुछ आंदोलनकारियों की तस्वीरें जोड़ी गई हैं। इनमें रंगपुर की बेगम रोकेया यूनिवर्सिटी के छात्र अबू सईद, मीर महफ़ूज़ुर रहमान मुग्धो और वसीम अकरम की तस्वीरें हैं। इसके अलावा ई-पासपोर्ट में सभी प्रमुख धर्मों का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतीकों को भी शामिल किया गया है।

गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि बांग्लादेश ने अवामी लीग सरकार के कार्यकाल में 2020 में लगभग 45 अरब टका की लागत से अपनी इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट सेवा शुरू की थी। उसी समय ‘इजरायल को छोड़कर’ वाक्यांश को हटा दिया गया था। पहले बांग्लादेशी पासपोर्ट पर यह लिखा होता था कि पासपोर्ट इजरायल को छोड़कर दुनिया के सभी देशों की यात्रा के लिए मान्य है। इसे हटाए जाने के बाद बांग्लादेश के कट्टरपंथी समूहों ने इसे फिर से शामिल करने की मांग की थी।

पासपोर्ट में मंदिर, मस्जिद, चर्च की भी तस्वीर

रिपोर्ट के मुताबिक तारिक रहमान ने ये फैसला फिलीस्तीन के समर्थन में कट्टरपंथियों को खुश करने के लिए ये फैसला लिया है। गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया था कि ई-पासपोर्ट में कई नई तस्वीरें जोड़ी जाएं। नये आधिकारिक आदेश के माध्यम से उन तस्वीरों को वॉटरमार्क डिजाइन में शामिल कर लिया गया है।

नए जारी किए गए ई-पासपोर्ट के वॉटरमार्क में राष्ट्रीय फूल वॉटर लिली, रॉयल बंगाल टाइगर, बांग्लादेश का सुप्रीम कोर्ट, दिनाजपुर में कांतनगर मंदिर, बंदरबन का गोल्डन टेम्पल, बैतुल मुकर्रम राष्ट्रीय मस्जिद, राजशाही में आम के बाग, साठ गुंबद वाली मस्जिद, चाय के बागान, सुंदरबन, होली रोजरी चर्च समेत दर्जन भर से ज्यादा अलग अलग तस्वीरों को शामिल किया गया है।

अभिजात शेखर आजाद

लेखक के बारे मेंअभिजात शेखर आजादअभिजात शेखर आजाद नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में इंटरनेशनल अफेयर्स, डिफेंस जर्नलिस्ट हैं। उनके पास अलग अलग न्यूज चैनलों और डिजिटल पत्रकारिता में करीब 17 सालों का अनुभव है। वे अंतरराष्ट्रीय राजनीति (International Politics), वैश्विक कूटनीति (Global Diplomacy) और रक्षा रणनीति (Defense Strategy) के विशेषज्ञ माने जाते हैं। उन्होंने इन वर्षों में 3 अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध, इजरायल-हमास युद्ध, मिडिल ईस्ट, अफगानिस्तान युद्ध, ISIS के खिलाफ संघर्ष, भारत पाकिस्तान संघर्ष जैसे अहम अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं को कवर किया है।

अभिजात शेखर आजाद वैश्विक राजनीति का विश्लेषण करते हैं और भारत पर उसका क्या असर होगा, इसका एनालिसिस करते हुए विश्लेषणात्मक स्टोरी लिखते हैं। इसके अलावा इंटरनेशनल डिफेंस सेक्टर पर उनकी खास नजर होती है। हथियारों की खरीद बिक्री, अंतर्राष्ट्रीय हथियार व्यापार पर वो करीबी नजर रखते हैं। रक्षा जगत में अंदरूनी पहुंच होने की वजह से डिफेंस मामलों पर उनकी सटीक खबरों का काफी प्रभाव है।

विशेषज्ञता- इंटरनेशनल डिप्लोमेसी के साथ साथ डिफेंस सेक्टर की खबरों के विश्लेषण में अच्छी पकड़। भारतीय वायुसेना और नौसेना और डिफेंस इंटेलिजेंस में पैठ। जियो-पॉलिटिक्स को लेकर अभिजात शेखर आजाद के अनुमान अकसर सही साबित होते हैं। उनकी विशेषज्ञता केवल समाचार रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि वे जटिल अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भारतीय दर्शकों के लिए सरल और प्रभावी ढंग से समझाने के लिए जाने जाते हैं। राफेल डील से लेकर अत्याधुनिक मिसाइल टेक्नोलॉजी और वैश्विक शक्ति संतुलन पर सैकड़ों विश्लेषणात्मक लेख।

पत्रकारिता अनुभव: अभिजात शेखर आजाद के पत्रकारिता में करीब 17 सालों का अनुभव है। उन्होंने 2009 से पत्रकारिता में अपना कैरियर शुरू किया था और उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग में अच्छी पकड़ बनाई। उन्होंने समाचार प्लस और ज़ी मीडिया जैसे संस्थानों में काम किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल विश्वविद्यालय से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातक किया है।

पुरस्कार: अभिजात को ज़ी मीडिया में बेहतरीन लेखन के लिए ‘बेस्ट राइटर’ अवार्ड मिल चुका है। इसके अलावा उन्हें दो बार ENBA अवार्ड भी मिला है।

अभिजात के खास इंटरव्यू:
अभिजात शेखर आजाद का ‘बॉर्डर-डिफेंस’ नाम से साप्ताहिक वीडियो इंटरव्यू आता है, जिसमें वो सैन्य अधिकारियों और डिप्लोमेट्स से बात करते हैं। उन्होंने कई बड़े चेहरे जैसे DRDO के वैज्ञानिक और ब्रह्मोस मिसाइल बनाने वाले वैज्ञानिक अतुल दिनकर राणे, डीआरडीओ वैज्ञानिक हरि बाबू चौरसिया, भारतीय सेना के पूर्व आर्मी चीफ वेद मलिक, लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन, लेफ्टिनेंट जनरल संजय वर्मा, एयर मार्शल रवि कपूर, एयर फोर्स अधिकारी विजयेन्द्र के ठाकुर, फाइटर पायलट आरके नारंग, डिप्लोमेट एसडी मुनि, डिप्लोमेट सी उदय भाष्कर, डिप्लोमेट अनिल त्रिगुणायत, डिप्लोमेस रोबिंदर सचदेव, नौसेना कैप्टन श्याम कुमार समेत कई एयरफोर्स और नौसेना अधिकारियों का इंटरव्यू ले चुके हैं।… और पढ़ें