Asim Munir,असीम मुनीर के सामने बेबस हैं शहबाज, पाकिस्तान में सरकार की कोई हैसियत नहीं, मौलाना डीजल ने बताई सच्चाई – maulana fazlur rehman criticize as asim munir seizes absolute power in pakistan – Pakistan News


मौलाना फलजुल रहमान पाकिस्तानी सेना और असीम मुनीर पर लगातार हमलावर हैं। 1971 के युद्ध में पाकिस्तान फौज के आत्मसमर्पण पर बयान के बाद अब उन्होंने मुनीर की बढ़ती ताकत पर सवाल किया है।

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मौलाना फजलुर रहमान और असीम मुनीर।
इस्लामाबाद: पाकिस्तान की जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (JUI-F) के हेड मौलाना फजलुर रहमान ने पाकिस्तान आर्मी चीफ असीम मुनीर पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। पाकिस्तान के सबसे सीनियर एमएनए (सांसद) में से एक रहमान ने असीम मुनीर की ताकत लगातार बढ़ाने पर सवाल उठाए हैं। संयुक्त विपक्ष की बैठक में उन्होंने साफ कहा है कि अब पाकिस्तान में शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार की कोई हैसियत नहीं रह गई है, मुनीर को ही सबकुछ सौंप दिया गया है।

मौलाना डीजल कहे जाने वाले फजलुर रहमान ने कहा कि फेडरल सरकार की सभी शक्तियां एक-एक कर आसिम मुनीर को सौंपी जा रही हैं। आर्मी, नेवी और एयर फोर्स में नियुक्ति करने के नियमों में बदलाव किए गए हैं। छुट्टी मंजूर करने का अधिकार, जो पहले सरकार के पास था। वो फील्ड मार्शल को दे दिया गया है। यह एक तरह की तनाशाही है।

मुनीर ही सबकुछ: रहमान

मौलाना रहमान ने कहा कि अब असीम मुनीर सिर्फ आर्मी चीफ नहीं है, वह फील्ड मार्शल और आर्म्ड फोर्स के डिफेंस चीफ भी हैं। यानी वह सब कुछ हैं। यहां तक कि वह पीएम शहबाज के सलाहकार भी हैं और कैबिनेट में बैठेंगे। ऐसे में बताइए कि कोई सरकार या कैबिनेट ऐसे में क्या फैसले लेगी। फैसले तो जो लेंगे मुनीर ही लेंगे, वही सब तय करेंगे।

रहमान ने कहा कि वह 1988 से असेंबली में हैं। उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत जनरल जिया उल हक के मार्शल लॉ के खिलाफ आंदोलन से हुई। अब असीम मुनीर की बढ़ती ताकत के खिलाफ भी लड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष का एकजुट होना जरूरी है। विपक्ष साझा रणनीति नहीं बनाएगा तो ऐसे ही कानून बनते रहेंगे, जो हम देख रहे हैं।

मौलाना के तल्ख तेवर

मौलाना फजलुर रहमान ने हालिया दिनों में लगातार शहबाज शरीफ सरकार और असीम मुनीर के सैन्य नेतृत्व पर सवाल खड़े किए हैं। वह पीटीआई (इमरान खान की पार्टी) को साथ लेते हुए पाकिस्तान के विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं। फजलुर रहमान खासतौर से नए कानूनों के जरिए असीम मुनीर को असीमित ताकत देने पर चिंतित दिखे हैं।

रहमान कई मौकों पर पाकिस्तानी सेना की मजाक भी उड़ा चुके हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि पाक फौज का झूठ बोलने का इतिहास रहा है। 1971 में भारत के खिलाफ आत्मसमर्पण करने से एक दिन पहले जनरल याह्या खान ने कहा था कि हम हर हाल में लड़ेंगे। इसके ठीक अगले ही दिन उन्होंने अपने हथियार डाल दिए,यही अब हो रहा है।

मुनीर की चिंता बढ़ाएंगे रहमान?

मौलाना फजलुर रहमान पाकिस्तान की राजनीति में चार दशकों से लगातार एक प्रभावशाली शख्स बने रहे हैं। दक्षिणपंथी राजनीति करने वाले रहमान को गठबंधन बनाने की कला के चलते ‘किंगमेकर’ कहा जाता रहा है। ऐसे में उनका पाकिस्तान के विपक्ष को एकजुट कर एक मंच पर लाना मुनीर और शहबाज की टेंशन बढ़ा सकता है।

रिजवान

लेखक के बारे मेंरिजवानरिजवान नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में चीफ सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पत्रकारिता में उनका 10 वर्षों का अनुभव है। वह इंटरेशनल अफेयर्स (वर्ल्ड सेक्शन) कवर कर रहे हैं। अमर उजाला के साथ डिजिटल पारी की शुरुआत की और फिर वन इंडिया हिंदी, राजस्थान पत्रिका से होते हुए नवभारत टाइम्स में है। उन्‍होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय और भारतीय जनसंचार संस्थान से पढ़ाई की है।

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पत्रकारिता अनुभव: डिजिटल मीडिया में 10 साल से कार्यरत हैं।

रिजवान ने साल 2015 में नई दिल्‍ली में अमर उजाला डॉट कॉम से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वन इंडिया हिंदी, राजस्थान पत्रिका से होते हुए नवभारत टाइम्स में है।… और पढ़ें