बालकृष्ण के बयान पर YSRCP ने खोला मोर्चा
पूर्व सीएम पर टिप्पणी करने के बाद पूर्व मंत्री पर्नी वेंकट रमैया (नानी) ने बालकृष्ण को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जगन ने हमेशा बालकृष्ण का साथ दिया है। उन्होंने बताया कि ‘अखंडा’ फिल्म की रिलीज से पहले बालकृष्ण खुद जगन से मिलने गए थे और जगन ने न सिर्फ मुलाकात की, बल्कि अधिकारियों को हर संभव मदद देने का निर्देश भी दिया।
इसके अलावा, जब बालकृष्ण के घर पर गोलीबारी की घटना हुई थी, तब भी जगन ने चिंता जताई थी और सहयोग दिया था। साथ ही, बालकृष्ण से जुड़े बसवतारकम ट्रस्ट के बकाया बिल्स भी समय पर क्लियर किए गए थे। नानी ने सवाल उठाया कि क्या राजनीतिक फायदे के लिए इंसानियत और शिष्टाचार को भुला देना चाहिए?
और कौन-कौन से नेताओं ने क्या-क्या बोला?
वहीं YSRCP नेताओं अंबाती रामबाबू और मारगनी भारत ने इसे लेकर टीडीपी, जनसेना, चंद्रबाबू नायडू, नारा लोकेश, पवन कल्याण और बालकृष्ण पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने जनता को झूठी कहानियों” से गुमराह किया है। मारगनी भारत ने कहा कि सच्चाई सामने आ गई है। जगन ने हमेशा फिल्म इंडस्ट्री का साथ दिया। अब यह मौका परस्त राजनीति बंद होनी चाहिए।
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मामले में क्या बोले अभिनेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री चिरंजीवी?
वहीं घटना के बाद विधानसभा मची हलचल को देखते हुए अभिनेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री चिरंजीवी ने एक बयान जारी कर स्थिति साफ करने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद फिल्म इंडस्ट्री की समस्याओं को लेकर मंत्री पर्नी नानी के माध्यम से जगन से मुलाकात की थी। चिरंजीवी के अनुसार, जगन ने उनकी बात ध्यान से सुनी और सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। इसके बाद सरकार ने टिकट प्राइसिंग की नीति में बदलाव किया, जिससे पूरी फिल्म इंडस्ट्री को फायदा हुआ, इसमें चिरंजीवी की फिल्म ‘वाल्टेयर वीरेय्या’ और बालकृष्ण की ‘वीरा सिम्हा रेड्डी’ भी शामिल थीं।


