
मनाली-चंडीगढ़ फोरलेन पर थलौट के समीप गिरा पहाड़ों से मलबा।
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जीवन रेखा मानी जाने वाली सड़कें हिमाचल में कई जगह जीवन लील रही हैं। लोगों को बेघर कर रही हैं। कारण है पहाड़ के मिजाज को समझे बिना नियमों को दरकिनार कर बनाईं सड़कें। मंडी जिले के पंडोह से मनाली तक बना फोरलेन इसका जीता-जागता सबूत है। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे का यह हिस्सा तीन साल में ही ध्वस्त हो गया। इसमें सबसे बड़ा कारण फोरलेन तैयार करने के लिए पहाड़ों की अवैज्ञानिक तरीके से की गई 90 डिग्री में खोदाई। ऐसी खोदाई से भारी बरसात में पहाड़ जगह-जगह दरक रहे हैं। कई परिवार उजड़ गए। लोगों के घर टूट गए तो कई टूटने के कगार पर हैं। लोग अपने घर छोड़कर दूसरी जगह शरण लिए हुए हैं।


