India Sugar Prices | ISMA Confirms Enough Stock; Import Relief Planned


7 घंटे पहले

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इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA) ने सोमवार को कहा कि देश में चीनी की कमी नहीं है। आने वाले दिनों में फुटकर बाजारों में कीमतें कम होने की उम्मीद है।

पिछले एक महीने में चीनी 20% से ज्यादा महंगी होकर ₹60 प्रति किलो तक हो गई है। इसके बाद सरकार ने राहत देने के लिए ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट की मंजूरी दी थी।

10 लाख टन ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट को मंजूरी

केंद्र सरकार ने 20 अगस्त को 10 लाख टन रॉ शुगर के बिना किसी सीमा शुल्क आयात की अनुमति दी है, ताकि बाजार में सप्लाई बढ़ाकर कीमतों पर काबू पाया जा सके।

नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज ने भी घरेलू सप्लाई को पर्याप्त बताया है। NFCSF के अध्यक्ष प्रकाश नाईकनवरे ने कहा कि फेडरेशन ने 2025-26 सीजन के लिए अपने नेट शुगर प्रोडक्शन के अनुमान को 2.79 करोड़ टन पर बरकरार रखा है।

इसमें से करीब 24 लाख टन चीनी इथेनॉल उत्पादन के लिए डायवर्ट की गई है। भारत में हर साल करीब 3 करोड़ टन चीनी उत्पादन होता है।

15 अक्टूबर से पहले आ सकती हैं पहली खेप

NFCSF के अनुसार, इंपोर्टेड चीनी की कुछ खेप 15 अक्टूबर से पहले भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच सकती है। प्रकाश ने बताया कि थाईलैंड खुद चीनी की कमी से जूझ रहा है, ऐसे में अभी ब्राजील ही एकमात्र विकल्प है।

ब्राजील से जहाजों को भारत आने में 40 से 45 दिन का समय लगता है, जिसके बाद इसे मिलों तक पहुंचाया जाता है। डीजीएफटी की मंजूरी, लेटर ऑफ क्रेडिट और पोर्ट कंजेशन पर यह टाइमलाइन निर्भर करेगी।

31 अक्टूबर की डेडलाइन में छूट संभव

सरकार की गई 31 अक्टूबर की डेडलाइन पर नाईकनवरे ने कहा कि इसमें छूट मिल सकती है। जो शिपमेंट पहले से रास्ते में होंगे, उन्हें तय तारीख के बाद भी आने की अनुमति मिलने की पूरी संभावना है।

तटीय राज्यों को पहले मिलेगी राहत

महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात और आंध्र प्रदेश जैसे तटीय राज्यों को इंपोर्टेड रॉ शुगर पहले मिलेगी। वहीं उत्तर भारत के लैंडलॉक्ड राज्यों तक इन बंदरगाहों से रेल या सड़क मार्ग के जरिए चीनी पहुंचाई जाएगी।

कोटा होने के बावजूद एक्सपोर्ट घटा

नाईकनवरे ने जानकारी दी कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें अनुकूल न होने के कारण भारत ने 20 लाख टन के तय कोटे में से केवल 8 लाख टन चीनी का ही निर्यात किया था।

अगर कोई पाबंदी न होती, तब भी निर्यात 10 लाख टन से ज्यादा नहीं जाता। केंद्र सरकार ने घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों को काबू में रखने के लिए 13 मई से 30 सितंबर तक चीनी निर्यात पर रोक लगा रखी है।

नॉलेज बॉक्स: रॉ शुगर से कैसे बनेगी खाने वाली चीनी?

ब्राजील से आने वाली रॉ शुगर को सीधे इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसे देश की रिफाइनरियों और शुगर मिलों में प्रोसेस करके सफेद दानेदार चीनी में बदला जाएगा, जिसके बाद यह रिटेल मार्केट में आएगी।

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सोने की कीमतों में 24 अगस्त को बढ़त रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 1534 रुपए बढ़कर 1.62 लाख रुपए हो गया है। वहीं एक किलो चांदी की कीमत 1239 रुपए कम होकर 2.45 लाख रुपए आ गई।

इस महीने यानी अगस्त में 24 दिन में सोना 19 हजार और चांदी 29 हजार रुपए महंगी हो चुकी है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, सोना इस साल के आखिर तक 1 लाख 70 हजार रुपए तक जा सकता है। पूरी खबर पढ़ें…



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