अमित शाह के सुझाव पर साउथ के सभी CM ने कहा- समर्थन है, परिसीमन पर क्या हुआ?


दक्षिण भारत के राज्यों ने अंतरराज्यीय जल विवादों को बातचीत के जरिए जल्द सुलझाने के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सुझाव का समर्थन किया है. गुरुवार को दक्षिण क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक में जल विवादों के साथ लोकसभा सीटों के परिसीमन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा. 

जल विवाद जल्द सुलझाने पर जोर

बैठक की अध्यक्षता करते हुए अमित शाह ने अंतरराज्यीय जल विवादों के जल्द समाधान पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि अपने राज्य के हितों की रक्षा करना गलत नहीं है, लेकिन अगर इसके कारण किसी राज्य को वर्षों तक पानी से वंचित रहना पड़े और पानी समुद्र में बहता रहे, तो इससे किसी का वास्तविक हित पूरा नहीं होता.

ब्रह्मपुत्र से कावेरी और गोदावरी को जोड़ने की बात

अमित शाह ने कहा कि ब्रह्मपुत्र से लेकर कावेरी और गोदावरी तक प्रमुख नदियों को जोड़ने की दिशा में काम किया जाए तो भारत अगले 100 वर्षों तक पानी की कमी से बच सकता है. इससे कई जलमार्ग भी विकसित किए जा सकते हैं. 

शाह ने बताया कि उत्तर भारत में नदी जल बंटवारे से जुड़े आठ में से पांच विवाद ब्रिटिश शासन से भी पहले के समय से चले आ रहे थे. उन्होंने कहा कि पांच महीने पहले इन पर अंतिम समझौता हुआ और कश्मीर से उत्तर प्रदेश तक 100 प्रतिशत विवादों का समाधान कर विवाद-मुक्त उत्तर भारत बनाने की दिशा में काम किया गया.

परिसीमन पर दक्षिणी राज्यों ने जताई चिंता

बैठक में परिसीमन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा. दक्षिणी राज्यों का कहना है कि जनसंख्या के आधार पर लोकसभा सीटों के पुनर्वितरण से उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधित्व में नुकसान हो सकता है.

कर्नाटक और तमिलनाडु ने लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या को अगले 25 वर्षों तक बनाए रखने की मांग की. कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से 1971 की जनगणना को परिसीमन का आधार बनाए रखने, 25 वर्षों तक लोकसभा की 543 सीटें बरकरार रखने और महिलाओं के लिए आरक्षण को मौजूदा सीटों के भीतर ही लागू करने की मांग की.

मेकेदातु बांध पर तमिलनाडु को आश्वासन

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने तमिलनाडु से कहा कि मेकेदातु बांध परियोजना बनने पर उसके हितों की रक्षा की जाएगी. बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने अमित शाह की मौजूदगी में तमिलनाडु और पुडुचेरी के हितों की रक्षा का भरोसा दिया है.

बैठक में कावेरी जल विवाद पर चर्चा नहीं

तमिलनाडु के मंत्री ने स्पष्ट किया कि बैठक में कर्नाटक के साथ चल रहे कावेरी जल बंटवारे के विवाद पर चर्चा नहीं हुई. उन्होंने कहा कि इस बैठक में कावेरी नदी जल विवाद या कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण से जुड़े मामलों को नहीं उठाया गया.

आंध्र प्रदेश के सीएम ने बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का प्रस्ताव दिया

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु को जोड़ने वाले बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा. यह कॉरिडोर कुप्पम के रास्ते बनाने की बात कही गई. उन्होंने अमरावती, बेंगलुरु और चेन्नई को जोड़ने वाले ट्रांजिट नेटवर्क का भी प्रस्ताव रखा. वहीं आंध्र प्रदेश और तेलंगाना ने परिसंपत्तियों और देनदारियों के बंटवारे से जुड़े मामलों को केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ बातचीत के जरिए सुलझाने पर सहमति जताई.

केरल ने मुल्लापेरियार बांध का मुद्दा उठाया

केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने बैठक में मुल्लापेरियार बांध का मुद्दा उठाया. उन्होंने स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहकारी संघवाद की जरूरत पर जोर दिया.

तेलंगाना ने कृष्णा नदी के पानी पर मांगा अधिकार

तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमरका ने कृष्णा नदी के पानी पर राज्य के अधिकारों की सुरक्षा की मांग की. उन्होंने राज्य की प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से सहयोग भी मांगा. पुडुचेरी की ओर से उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन ने सालभर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और पड़ोसी राज्यों, खासकर तमिलनाडु, से सहयोग मांगा. उन्होंने एकीकृत सतही जल व्यवस्था विकसित करने की जरूरत बताई.



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