जियो फाइनेंशियल के शेयर खरीदने का सही समय? डिविडेंड, शानदार नतीजे और 315 रुपये के टारगेट प्राइस के बीच निवेशक क्या करें


अगर आप जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का डिविडेंड पाना चाहते हैं, तो आपके पास ज्यादा समय नहीं बचा है। कंपनी ने 0.60 रुपये प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड के लिए 10 अगस्त को रिकॉर्ड डेट तय कर दी है। यानी अगर इस तारीख तक आपके डीमैट खाते में कंपनी के शेयर नहीं होंगे, तो आपको डिविडेंड का लाभ नहीं मिलेगा। दूसरी ओर, कंपनी ने हाल ही में शानदार तिमाही नतीजे भी पेश किए हैं और ब्रोकरेज मोतीलाल ओसवाल ने शेयर पर 315 रुपये का टारगेट प्राइस देते हुए खरीदारी की सलाह बरकरार रखी है। ऐसे में रिटेल निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सिर्फ डिविडेंड के लिए शेयर खरीदना चाहिए या इसे लंबी अवधि के निवेश के नजरिए से देखना बेहतर होगा?

डिविडेंड चाहिए तो 10 अगस्त से पहले करें यह काम

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 0.60 रुपये प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड घोषित किया है। इसका लाभ सिर्फ उन्हीं निवेशकों को मिलेगा जिनके डीमैट खाते में 10 अगस्त तक कंपनी के शेयर मौजूद होंगे। हालांकि, डिविडेंड का भुगतान कंपनी की आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद ही किया जाएगा। पिछले साल कंपनी ने 0.50 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था। इस बार डिविडेंड में बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन ट्रेंडलाइन के अनुसार कंपनी का डिविडेंड यील्ड 0.19 प्रतिशत है। इसलिए सिर्फ डिविडेंड के आधार पर निवेश का फैसला लेना समझदारी नहीं माना जाता।

क्या सिर्फ डिविडेंड के लिए शेयर खरीदना सही रहेगा?

0.60 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड निवेशकों के लिए एक अतिरिक्त लाभ जरूर है, लेकिन जियो फाइनेंशियल की असली कहानी उसकी ग्रोथ में छिपी है। अगर आपका उद्देश्य सिर्फ डिविडेंड कमाना है, तो यह यील्ड बहुत आकर्षक नहीं है। लेकिन यदि आप मजबूत बिजनेस ग्रोथ और भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए निवेश करना चाहते हैं, तो कंपनी के हालिया नतीजे और ब्रोकरेज की राय पर भी नजर डालनी चाहिए।

तिमाही नतीजों ने बढ़ाया भरोसा

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने अप्रैल-जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 155 प्रतिशत बढ़कर 830 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, ऑपरेशंस से होने वाली आय 227 प्रतिशत बढ़कर 2,004 करोड़ रुपये रही। कंपनी की कुल आय भी एक साल पहले के 619 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,496 करोड़ रुपये हो गई। मार्च तिमाही के 1,020 करोड़ रुपये के मुकाबले भी इसमें 47 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ये आंकड़े बताते हैं कि कंपनी का कारोबार तेजी से विस्तार कर रहा है।

कमाई के नए स्रोत भी तेजी से बढ़ रहे हैं

कंपनी की ब्याज आय 165 प्रतिशत बढ़कर 962 करोड़ रुपये हो गई, जबकि फीस और कमीशन से होने वाली आय 54 करोड़ रुपये से बढ़कर 325 करोड़ रुपये पहुंच गई। इसका मतलब है कि जियो फाइनेंशियल सिर्फ एक बिजनेस पर निर्भर नहीं है, बल्कि कई क्षेत्रों से उसकी आय तेजी से बढ़ रही है। यह लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है।

शेयर में तेजी लौटी, लेकिन अभी भी पुराने निवेशक नुकसान में

शुक्रवार को जियो फाइनेंशियल का शेयर करीब 4 प्रतिशत चढ़कर 256 रुपये पर बंद हुआ। पिछले एक सप्ताह में शेयर 9 प्रतिशत से ज्यादा और एक महीने में 8 प्रतिशत से अधिक मजबूत हुआ है। हालांकि, साल 2026 में अब तक शेयर 13 प्रतिशत से ज्यादा गिरा हुआ है। पिछले एक साल में भी इसमें 22 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी देखने को मिली है। कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप 1.69 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है।

ब्रोकरेज क्यों है बुलिश?

ब्रोकरेज मोतीलाल ओसवाल ने जियो फाइनेंशियल पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 315 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी की सहयोगी इकाई जियो क्रेडिट का प्रदर्शन मजबूत रहा है और उसका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 300 बिलियन रुपये के पार पहुंच गया है।

ब्रोकरेज का कहना है कि पेमेंट्स, इंश्योरेंस और एसेट मैनेजमेंट जैसे कारोबार में भी कंपनी लगातार विस्तार कर रही है। हालांकि, नए बिजनेस विकसित करने और विस्तार पर हो रहे निवेश की वजह से परिचालन खर्च बढ़ा है। इसी कारण ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2026-27 और 2027-28 के लिए अपने EPS अनुमान क्रमशः 4 प्रतिशत और 6 प्रतिशत घटाए हैं। इसके बावजूद उसे उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2025-26 से 2027-28 के बीच कंपनी का कंसोलिडेटेड PAT 46 प्रतिशत CAGR की दर से बढ़ेगा।

रिटेल निवेशकों के लिए क्या हो सकती है रणनीति?

अगर आपका मकसद 0.60 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड पाना है, तो रिकॉर्ड डेट से पहले शेयर आपके डीमैट खाते में होना जरूरी है। लेकिन यदि आप नए निवेशक हैं, तो सिर्फ डिविडेंड देखकर फैसला लेना सही रणनीति नहीं होगी। कंपनी की मजबूत ग्रोथ, तेजी से बढ़ता लोन कारोबार, बेहतर तिमाही नतीजे और ब्रोकरेज का सकारात्मक नजरिया लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अहम संकेत हैं। हालांकि, किसी भी निवेश का फैसला करने से पहले अपनी जोखिम क्षमता, निवेश अवधि और वित्तीय सलाह को ध्यान में रखना जरूरी है।

(अस्वीकरण: विशेषज्ञों द्वारा दी गई सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं। ये इकोनॉमिक टाइम्स हिन्दी के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।)



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