पहले ठुकराया, फिर गुस्से में Lata Mangeshkar ने गाया था ये कालजयी गाना; स्टूडियो में डायरेक्टर की थी नो-एंट्री


एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) स्वर कोकिला कही जाती हैं। उन्होंने सिनेमा को हजारों कल्ट क्लासिक गानों से नवाजा है, दशकों तक चाहने वालों को दीवाना बनाया है। डायरेक्टर-प्रोड्यूसर लता मंगेशकर को कास्ट करने के लिए लाइन में लगे रहते थे।

लता मंगेशकर भी गायिकी के लिए समर्पित थीं। उन्होंने बेझिझक गाने गाए और नाम कमाया। मगर शायद ही आपको पता है कि उन्होंने अपना एक कल्ट गाना गाने से इनकार कर दिया था। 48 साल पहले उन्होंने शिव भक्ति से जुड़ा गीत गाना था, लेकिन उन्होंने पहले इनकार कर दिया था।

लता मंगेशकर के सुपरहिट गाने की कहानी

यह गीत है राज कपूर की फिल्म सत्यम शिवम सुंदरम का टाइटल ट्रैक (Satyam Shivam Sundaram)। जीनत अमान पर फिल्माया गया ये गीत लता मंगेशकर ने अपनी आवाज में अमर कर दिया। करीब पांच दशक के बाद भी यह गाना लोगों की जुबान पर रहता है। इस गाने को गवाने लिए राज कपूर को लता मंगेशकर को मनाना पड़ा था। वह उनसे इतना खफा हो गई थीं कि उन्हें स्टूडियो में भी नहीं आने दिया था।

Satyam Shivam Sundaram

भाई के चक्कर में लता-राज के बीच अनबन

इस नाराजगी के पीछे की वजह राज कपूर पर लिखी किताब ‘राज कपूर: द वन एंड ओनली शोमैन’ में उनकी बेटी रितु नंदा ने बताई है। ईटाइम्स के मुताबिक, रितु नंदा ने किताब में बताया था कि राज कपूर ने सत्यम शिवम सुंदरम में म्यूजिक डायरेक्टर के तौर पर पहले लता मंगेशकर के भाई हृदयनाथ मंगेशकर को लेने वाले थे। उन्होंने ही सिंगर से गुजारिश की थी कि वह हृदयनाथ को मनाएं।

गाना गाने से किया था इनकार

राज कपूर के कहने पर हृदयनाथ राजी हो गए। मगर जब लता मंगेशकर काम से US गईं और वापस आईं तो पता चला कि राज कपूर ने हृदयनाथ को हटाकर लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल को फिल्म में शामिल कर लिया है। इस बात से लता बहुत नाराज हुईं। उनसे बिना पूछे या बताए राज कपूर ने यह फैसला लिया था। गुस्से में सिंगर ने उनका गाना गाने से ही इनकार कर दिया था।

lata mangeshkar

राज कपूर से मांगी थी गानों की रॉयल्टी

लता ने राज कपूर के लिए कई गाने गाए थे, लेकिन कभी रॉयल्टी नहीं ली। मगर जब भाई को रिप्लेस किया गया तो उन्होंने राज कपूर से गाने की रॉयल्टी मांगना शुरू कर दिया। चीजें बढ़ती गईं और लता मानने को तैयार नहीं थी। फिर पंडित नरेंद्र शर्मा की एंट्री हुई जिन्हें लता अपने पिता की तरह मानती थीं। उनका मानना था कि ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ के गानों के साथ कोई और सिंगर न्याय नहीं कर सकता, इसलिए उन्होंने लता को इन गानों के लिए अपनी आवाज देने के लिए मनाया।

दो शर्तों पर गाया था लता ने हिट गाना

आखिरकार पंडित नरेंद्र शर्मा के कहने पर लता मंगेशकर ने गाने के लिए हामी भरी लेकिन शर्तें भी रखीं। उनकी शर्त थी कि वह स्टूडियो में किसी से भी बात नहीं करेंगी। साथ ही लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल से यह भी कह दिया था कि उनके रिकॉर्डिंग सेशन के दौरान वे राज कपूर को स्टूडियो में न आने दें।



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