पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल किए जाने पर खुशी जताते हुए इसे अपने क्रिकेट करियर के सबसे बड़े सम्मानों में से एक बताया. गांगुली को हाल ही में एडिनबर्ग में हुई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की सालाना बैठक के दौरान हॉल ऑफ फेम में शामिल किए जाने की घोषणा की गई.
इस सम्मान के साथ आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल भारतीय क्रिकेटरों की संख्या 12 हो गई है.
गांगुली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर आईसीसी और इसके चेयरमैन जय शाह का आभार जताया. उन्होंने लिखा, ‘मुझे हॉल ऑफ फेम में शामिल करने के लिए आईसीसी और चेयरमैन जय शाह का धन्यवाद. यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है. भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ियों के साथ इस सूची का हिस्सा बनना बेहद खास एहसास है.’
बाएं हाथ के इस पूर्व बल्लेबाज ने 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना आखिरी टेस्ट खेलने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा था. अपने करियर में उन्होंने 113 टेस्ट मैचों में 7,212 रन और 311 वनडे में 11,363 रन बनाए.
हालांकि, गांगुली की सबसे बड़ी पहचान भारतीय टीम के कप्तान के रूप में रही. 2000 से 2005 के बीच उन्होंने मैच फिक्सिंग संकट से उबर रही टीम इंडिया को नई दिशा दी और युवाओं पर भरोसा जताकर एक ऐसी टीम तैयार की, जिसने आगे चलकर भारतीय क्रिकेट की नींव को और मजबूत किया.
आईसीसी हॉल ऑफ फेम में गांगुली के अलावा बिशन सिंह बेदी, सुनील गावस्कर, कपिल देव, अनिल कुंबले, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, वीनू मांकड़, डायना इडुलजी, वीरेंद्र सहवाग, नीतू डेविड और महेंद्र सिंह धोनी जैसे भारतीय दिग्गज शामिल हैं.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद गांगुली ने क्रिकेट प्रशासन में भी अहम भूमिका निभाई. वह 2019 से 2022 तक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष रहे और फिलहाल बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष हैं.
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