‘टाइमलाइन देना बंद कर दिया’, तेजस Mk1A की डिलीवरी में देरी पर भड़का रक्षा मंत्रालय; HAL पर पेनल्टी लगाने की तैयारी – defence ministry upset over tejas mark 1a delivery delay preparing to penalize hal


Tejas Mark 1A Delivery: तेजस मार्क-1A लड़ाकू विमानों की डिलिवरी में दो साल से अधिक की देरी पर रक्षा मंत्रालय ने नाराजगी जताई है और HAL पर पेनल्टी लगाने की तैयारी कर रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने परियोजनाओं की समीक्षा कर व्यावहारिक समयसीमा तय करने को कहा।

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नई दिल्ली: वायुसेना को तेजस मार्क-1 A लड़ाकू विमान कब मिलने शुरू होंगे? इसके जवाब में रक्षा मंत्रालय के सीनियर अधिकारी ने कहा कि डिलिवरी की टाइमलाइन इतनी बार आगे बढ़ गई है कि अब हमने टाइम देना बंद कर दिया है। रक्षा मंत्रालय इस देरी के लिए हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड ( HAL ) पर पेनल्टी लगाने की तैयारी कर रहा है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सोमवार को HAL के प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल एन एस राजा सुब्रमणि, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और एचएएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) रवि कोटा समेत कई अधिकारी शामिल हुए।

तय की जानी चाहिए व्यावहारिक समयसीमा: राजनाथ सिंह

ऐसा बताया जा रहा है कि रक्षा मंत्री सिंह ने एचएएल के शीर्ष अधिकारियों से कहा कि विभिन्न प्रमुख परियोजनाओं के लिए व्यावहारिक समयसीमा तय की जानी चाहिए। मामले से अवगत अधिकारियों ने बताया कि तेजस मार्क 1ए विमानों की आपूर्ति में देरी के संदर्भ में सिंह ने सुझाव दिया कि एचएएल और भारतीय वायुसेना लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए बैठकर बात करें।

साल के आखिरी तक मिल सकते हैं 18 से 24 विमान

  • वायुसेना को तेजस मार्क-1A मिलने में दो साल से भी ज्यादा की देरी हो चुकी है। वायुसेना प्रमुख भी कई बार सार्वजनिक मंच पर इस नाराजगी जता चुके हैं।
  • तेजस प्रोजेक्ट पर आला अधिकारी ने कहा कि कुछ चीजों में वायुसेना की पूरी संतुष्टि के हिसाब से काम नहीं हो पाया है। उम्मीद है कि इस साल के आखिर तक कमियां दूर होंगी। इस साल 6 और विमान तैयार हो जाने चाहिए। अगर कमियां दूर कर ली गई तो इस साल के अखिर तक 18 से 24 विमान मिल सकते हैं।

इंजन मिलने के बाद भी देरी

सीनियर अधिकारी ने कहा कि 6 एयरक्राफ्ट है, जिनके इंजन तैयार है, लेकिन वह भी डिलिवरी को तैयार नहीं है। इंजन आने में जो देरी है, वह अलग मुद्दा है, लेकिन जो इंजन पहले आ गए है। कम से कम वह तो डिलिवर होने चाहिए थे। उसमें जो देरी हुई है, उस पर पेनल्टी लगेगी।

पूनम पाण्डे

लेखक के बारे मेंपूनम पाण्डेपूनम पाण्डे नवभारत टाइम्स के नेशनल ब्यूरो में डिप्टी ब्यूरो चीफ हैं। बीजेपी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और राष्ट्रीय राजनीति के साथ ही इंडियन आर्मी, नेवी, एयरफोर्स और रक्षा मामले कवर करती हैं। साल 2014 से देश की संसद भी कवर कर रही हैं। नवभारत टाइम्स से पहले सीएनबीसी आवाज और आजतक न्यूज चैनल में काम कर चुकी हैं। कुमांऊ यूनिवर्सिटी, नैनीताल से ऑर्गेनिक केमेस्ट्री में M.Sc करने के बाद IIMC (New Delhi Campus) से रेडियो-टीवी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में एमए किया। चेवनिंग फेलो (Chevening Fellow) हैं, जो यूके (United Kingdom) के फॉरेन, कॉमनवेल्थ एंड डिवेलपमेंट ऑफिस (FCDO) की फेलोशिप है।… और पढ़ें