CBSE Re-evaluation Latest Update: सीबीएसई 12वीं कॉपी चेकिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पोर्टल न खुलने की समस्या के बाद, अब फीस पेमेंट को लेकर परेशानी सामने आ रही है। पैसे कटने के बाद भी न तो कन्फर्मेशन मैसेज मिल रहा है और न ही आंसरशीट। जिन्हें आंसरशीट मिली है, वे धुंधली कॉपी का दावा करते हुए OSM मार्किंग पर सवाल उठा रहे हैं।

इससे पहले आवेदन की आखिरी तारीख 22 मई थी। जिन्हें OSM वाली स्कैन कॉपी मिल गई है, उन्होंने एक बार फिर सीबीएसई बोर्ड के नए मार्किंग सिस्टम पर सवाल उठाए हैं।
दरअसल, सीबीएसई ने इस बार 12वीं क्लास की कॉपी चेकिंग में बड़ा बदलाव करते हुए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) लागू किया था। परीक्षा के बाद करीब 98 लाख कॉपियां स्कैन गई और कॉपी चेक करने वाले टीचर्स को ऑन-स्क्रीन कॉपी चेक करके नंबर देने के लिए कहा गया था। लेकिन 7 साल में सबसे खराब सीबीएसई 12वीं के रिजल्ट आने के बाद OSM पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
हालांकि बोर्ड ने बचाव करते हुए इसे पारदर्शी और एक्यूरेसी लाने का सबसे कारगर तरीका बताया है। अब स्कैन कॉपी मिलने के बाद फिर से OSM को रद्द करके फिर से मैन्युल मार्किंग का मुद्दा उठाया जा रहा है।
3 घंटे में 3.87 लाख से ज्यादा कॉपी मांगी गईं
सीबीएसई ने खुद इसकी जानकारी दी है कि पोर्टल पर ठीक से री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने अपनी स्कैन कॉपी मांगने के लिए आवेदन किया है। महज तीन घंटे में 3.87 लाख से ज्यादा डिजिटल कॉपियां मांगी गई हैं।
बोर्ड ने अपने सोशल मीडिया एक्स (पहले ट्विटर) अकाउंट के जरिए जानकारी दी कि कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की हुई प्रतियां प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल अब सुचारू रूप से काम कर रहा है, और आवेदन सफलतापूर्वक जमा किए जा रहे हैं। 20.05.26 को शाम 7:30 बजे तक, यानी पोर्टल खुलने के 3 घंटे के अंदर ही, 3,87,399 स्कैन की हुई उत्तर पुस्तिकाओं को प्राप्त करने के लिए 1,27,146 आवेदन जमा कर दिए गए थे।
धुंधली स्कैन कॉपी पर बोले लोग- अब तो हमारे पास सबूत भी हैं
सीबीएसई 12वीं की स्कैन कॉपी मिलने के बाद, फिर से बोर्ड के OSM सिस्टम पर लोगों का गुस्सा फूट रहा है। क्योंकि कई सोशल मीडिया कई एक्स यूजर्स ने दावा किया है कि उन्हें मिली स्कैन कॉपी बहुत ज्यादा धुंधली है। सवाल पूछे जा रहा हैं कि कॉपी इतनी धुंधली है कि इसे पढ़ा जाना भी मुश्किल है, फिर टीचर्स ने कॉपी कैसे चेक की और नंबर कैसे दिए गए। कई एक्स यूजर्स ने आंसरशीट की डिजिटली स्कैन कॉपी का स्क्रीनशॉट और वीडियो शेयर किया है।
एक यूजर ने स्कैन कॉपी पोस्ट करते हुए लिखा, ‘हम आपको सबूत भी दे रहे हैं, आप बहुत जिम्मेदार हैं ना? तो अब इसका जवाब दीजिए। आपने ये कॉपियां चेक कैसी कीं? क्या अभी भी OSM का बचाव करेंगे? साइट अभी भी ठीक से काम नहीं कर रही है और अब तो हमारे पास सबूत भी हैं। कॉपियां देखने के बाद अब आप क्या कहेंगे? क्या जो कॉपियां आपने दी हैं, वे भी गलत हैं?’
दूसरे यूजर ने लिखा, ‘मल्टीपल स्टेप वाली OSM प्रक्रिया के बावजूद, CBSE उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। उन्होंने दावा किया था कि इवैल्यूएशन क्लियर था, लेकिन कई आंसरशीट्स धुंधली थीं, जिससे सही जांच प्रभावित हुई। कई छात्रों ने तो सही उत्तर लिखे थे, फिर भी उन्हें कम अंक मिले।’
सीबीएसई 12वीं री-इवैल्यूएशन की फीस घटी
बोर्ड ने सीबीएसई 12वीं क्लास की कॉपी चेक करवाने के लिए फीस घटा दी है।
फीस कटने के बाद भी नहीं मिल रहा बोर्ड का पेमेंट कन्फर्मेशन
12वीं री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के दौरान छात्रों को एक और बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जद्दोजहद के बाद अगर सीबीएसई की वेबसाइट खुल रही है तो पेमेंट की दिक्कत आ रही है। सोशल मीडिया पर ऐसे पेमेंट स्क्रीनशॉट्स की भरमार है, जिनमें सीबीएसई री-इवैल्यूएशन की फीस कटने के बाद भी न तो कन्फर्मेशन मिल रहा है और न ही आंसरशीट।
26 मई से शुरू होगी वेरिफिकेशन प्रक्रिया
सीबीएसई ने 12वीं री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया को दो स्टेज में बांटा है- पहली आंसरशीट की स्कैन कॉपी लेना और दूसरी वेरिफिकेशन। पहले फेज में स्टूडेंट्स को सबसे पहले अपनी जांची हुई आंसरशीट्स की स्कैन की हुई कॉपी ऑनलाइन प्राप्त करने के लिए आवेदन करना होगा। दूसरे फेज में, उम्मीदवार या तो ‘पाई गई कमियों के वेरिफिकेशन’ के लिए या फिर ‘उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन’ के लिए आवेदन कर सकते हैं। दूसरे स्टेज की प्रक्रिया 26 मई से शुरू होगी और 29 मई तक चलेगी।
बता दें कि सीबीएसई 12वीं बोर्ड रिजल्ट 13 मई 2026 को जारी किया गया था। इस साल बाहरवीं में 85.20% स्टूडेंट्स पास हुए हैं। यह पास प्रतिशत बीते 7 साल में सबसे खराब रहा है। वहीं पिछले साल 88.39% स्टूडेंट्स पास हुए थे। लगभग 98 लाख कॉपियां इस बार ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) के जरिए चेक हुई थीं, जबकि 13000 कॉपियां मैन्युअल तरीके से चेक हुई थीं।



