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भगवान दत्तात्रेय की जयंती गुरुवार को मनाई जाएगी इस मौके पर राजगढ़ जिले के एकमात्र प्राचीन दत्तात्रेय मंदिर श्री सद्गुरु आश्रम में पारंपरिक उत्सव मनाया जाएगा। आश्रम के प्रबंधक प्रफुल्ल महाराज ने बताया कि हर वर्ष की तरह सुबह भगवान दत्तात्रेय और गुरु प्रतिमाओं का पूजन अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद महा आरती होगी। आश्रम में पर्व के अवसर पर दोपहर और शाम को विशेष आरतियों का आयोजन किया जाएगा।
श्री बैजनाथ बड़ा महादेव शिवालय के नीचे मौजूद सद्गुरु आश्रम नगर की धार्मिक और संस्कृत पहचान के साथ-साथ ऐतिहासिक महत्व भी रखता है। यह 100 वर्षों से भी ज्यादा पुराना राजगढ़ जिले का भगवान दत्तात्रेय का एकमात्र मंदिर है । रियासत काल में वारकरी संप्रदाय के सद्गुरु बलभीम महाराज के सम्मान में इसका निर्माण किया गया था। पूरे विश्व में वारकरी संप्रदाय के अनुयायियों के लिए यह बहुत ही गहरी आस्था का केंद्र है ।क्योंकि इसी आश्रम परिसर में सद्गुरु महाराज ने जीवंत समाधि ली थी। प्रतिवर्ष होली की त्रयोदशी से रंग पंचमी तक आश्रम में मनाया जाने वाला सद्गुरु महोत्सव नगर की सांस्कृतिक विरासत बन चुका है। आश्रम में संस्कृत गुरुकुल का संचालन भी होता है। जिसमें यजुर्वेद शाखा के आधार पर विद्यार्थियों को आश्रम पद्धति से वैदिक कर्मकांड की शिक्षा दी जाती है।


