संक्षेप:
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) उपचुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) को झटका देते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक राजेश गुप्ता ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। दो बार ‘आप’ विधायक रहे गुप्ता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पार्टी की कर्नाटक इकाई के प्रभारी भी थे।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) उपचुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) को झटका देते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक राजेश गुप्ता ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। दो बार ‘आप’ विधायक रहे गुप्ता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पार्टी की कर्नाटक इकाई के प्रभारी भी थे। वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुए।
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राजेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि आप और उसके नेता अरविंद केजरीवाल के पतन के पीछे सबसे बड़ा कारण कार्यकर्ताओं के साथ इस्तेमाल करो और फेंको वाला व्यवहार था। भाजपा में शामिल होते समय, राजेश गुप्ता आप में अपने योगदान, इसके बदले में मिले उपहास और आप नेता अरविंद केजरीवाल के व्यवहार को याद करते हुए भावुक हो गए। उनकी आंखों में आंसू भी आ गए। इस दौरान उन्होंने अरविंद केजरीवाल को नसीहत भी दे दी।
‘जिसे नोटिस दिया उसी को देदी टिकट’
राजेश गुप्ता ने बयान में कहा कि जब आप का गठन हुआ था, तो कई जाने-माने लोगों ने खुशी-खुशी अरविंद केजरीवाल का साथ दिया था, लेकिन उन्होंने सभी को धोखा दिया और एक-एक करके, उन सभी ने उन्हें छोड़ दिया। उन्होंने कहा, आज, दुर्भाग्य से, मैं भी उस सूची में शामिल हो गया हूं।उन्होंने दावा किया कि अशोक विहार वार्ड में आप ने उपचुनाव के लिए एक ऐसे शख्स को टिकट दिया है, जिसे पार्टी ने ही नोटिस जारी किया है। उन्होंने कहा, मैं पार्टी में था, लेकिन उनके संयोजक ने न तो मुझसे बात की और न ही मुझसे मिलने आए। उन्होंने आगे कहा, अरविंद जी, आपको सोचना होगा कि लोग आपको क्यों छोड़ रहे हैं। मैंने हमेशा आपके लिए लड़ाई लड़ी है, यहां तक कि टेलीविजन पर भी।
‘मुझसे बात तक नहीं की’
उन्होंने कहा, मेरी सालों की ईमानदारी, सच्चाई और निष्ठा के बावजूद, जब मैंने चिंता जताई, तो पार्टी प्रमुख मुझसे बात करने को भी तैयार नहीं थे। यह हालत तब है जब पार्टी ना तो दिल्ली में और ना ही एमसीडी में सत्ता में है। गुप्ता ने दावा किया, कार्यकर्ताओं के साथ ‘इस्तेमाल करो और फेंको’ जैसा बर्ताव करना अरविंद केजरीवाल और आप के पतन का सबसे बड़ा कारण है।
सचदेवा ने कहा कि गुप्ता ने एक जिम्मेदार विधायक के तौर पर अपनी एक अलग पहचान बनायी थी, लेकिन अरविंद केजरीवाल उस पहचान की कद्र नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव हारने के बाद जिस तरह से केजरीवाल दिल्ली से गायब हैं और जिन हालात में वह गए, उसकी गहरी जांच होनी चाहिए।
सचदेवा ने कहा कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पूरी तरह से गायब हैं, आप नेता आतिशी और गोपाल राय दिल्ली में सिर्फ ‘‘स्पेशल अपीयरेंस’’ दे रहे हैं। उनका इशारा दिल्ली नगर निगम उपचुनाव के लिए प्रचार की ओर था।


