वर्ल्ड कप करीब, प्रयोग जरूरी… बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्केल ने बताया- क्यों बाहर बैठे थे अर्शदीप सिंह – morkel on team combinations Australia vs India 4th T20I at Carrara ntcpbm


टीम इंडिया के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह भले ही कुछ मैचों में बाहर बैठे हों, लेकिन गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल का कहना है कि यह बाएं हाथ का पेसर टीम की रणनीति को भलीभांति समझता है. टीम मैनेजमेंट अगले टी20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए विभिन्न कॉम्बिनेशन आजमा रहा है. अर्शदीप इस बड़ी तस्वीर का हिस्सा हैं.

होबार्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टी20 में वापसी करते हुए अर्शदीप ने शानदार गेंदबाजी की और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुने गए. हालांकि शुरुआती दो मैचों में उन्हें मौका नहीं मिला था क्योंकि टीम एक साथ उन्हें और कुलदीप यादव को खिलाने से बच रही थी. इससे पहले एशिया कप में भी दुबई की परिस्थितियों के कारण वे पहली पसंद नहीं थे.

गौरतलब है कि अर्शदीप सिंह अब तक 100 से ज्यादा टी20 इंटरनेशनल विकेट लेने वाले इकलौते भारतीय गेंदबाज हैं. यह उनके निरंतर प्रदर्शन और क्लास को साबित करता है.

मॉर्केल ने मीडिया से कहा, ‘अर्शदीप अनुभवी हैं, उन्हें पता है कि हम बड़ी तस्वीर देखकर अलग-अलग कॉम्बिनेशन पर काम कर रहे हैं. अर्शदीप जानते हैं कि वे वर्ल्ड-क्लास गेंदबाज हैं और पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों में शामिल हैं. हमें पता है कि वे टीम के लिए कितने कीमती हैं, लेकिन हमें बाकी विकल्प भी परखने हैं.’

हालांकि मोर्केल मानते हैं कि किसी भी खिलाड़ी के लिए ऐसे हालात आसान नहीं होते. उन्होंने कहा, ‘निश्चित रूप से निराशा होती है, लेकिन चयन कई बार खिलाड़ी के नियंत्रण में नहीं होता. टीम रणनीति और भविष्य की योजनाओं के आधार पर फैसले लेती है.’

अब जब इस सीरीज के बाद भारत के पास सिर्फ 10 टी20 इंटरनेशनल मैच बचे हैं, कोचिंग स्टाफ खिलाड़ियों से यही कह रहा है- हर मौके का पूरा फायदा उठाओ और दबाव की परिस्थितियों में खुद को परखो.

मोर्केल ने कहा, ‘हर टीम प्रयोग कर रही है. जब तक आप खिलाड़ियों को अलग-अलग भूमिकाओं में नहीं आजमाएंगे, तब तक यह नहीं जान पाएंगे कि वे किस स्थिति में कैसा प्रदर्शन करते हैं. टी20 क्रिकेट में सबसे अहम है- अनुकूलता और लचीलापन.’

गौतम गंभीर की अगुआई वाली कोचिंग टीम इस बात पर जोर दे रही है कि टी20 वर्ल्ड कप से पहले कोई कसर बाकी न रह जाए. मोर्केल ने कहा, ‘आप दो साल बाद यह नहीं कहना चाहेंगे कि काश हमने किसी कॉम्बिनेशन को थोड़ा और समय दिया होता. इसलिए अभी समझदारी से फैसले लेने का वक्त है.’

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