हिमाचल: अलग रह रही पत्नी के भरण-पोषण के लिए पति कानूनी रूप से बाध्य, अदालत ने दिए आदेश


प्रकाश ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर।
Published by: Krishan Singh

Updated Sat, 18 Oct 2025 02:00 AM IST

पत्नी के भरण-पोषण के लिए पति कानूनी और नैतिक रूप से बाध्य है। पत्नी ने ससुराल छोड़ दिया है, यह आधार पति को उसके दायित्वों से बचने की अनुमति नहीं देता है। 

Himachal: Husband legally obligated to provide maintenance to estranged wife, court orders

अदालत(सांकेतिक)
– फोटो : अमर उजाला



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 ससुराल को छोड़ अलग रह रही पत्नी के भरण-पोषण के लिए पति कानूनी और नैतिक रूप से बाध्य है। पत्नी ने ससुराल छोड़ दिया है, यह आधार पति को उसके दायित्वों से बचने की अनुमति नहीं देता है। यह टिप्पणी रामपुर बुशहर स्थित अपर प्रधान न्यायाधीश (पारिवारिक न्यायालय) किन्नौर की अदालत ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 24 के तहत भरण-पोषण और मुकदमेबाजी खर्च के अनुदान के लिए दायर आवेदन का निपटारा करने के दौरान की। अदालत ने बताया कि उच्च न्यायालय ने छाजू राम बनाम आशा देवी 2016 क्रिमिनल लॉ जर्नल 1200 में यह निर्धारित किया है कि एक हिंदू पुरुष का अपनी पत्नी का भरण-पोषण करने का दायित्व आधुनिक अवधारणा का नहीं है, बल्कि यह हिंदू कानून में भी मौजूद है।

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