देर रात तक नोटों की गिनती जारी थी। कैश के अलावा गहने, महंगी घड़ियां, लग्जरी कारें, प्रॉपटर्टी संबंधी दस्तावेज व अन्य सामान भी बरामद किया गया है। मंडी गोविंदगढ़ के स्क्रैप डॉलर आकाश बत्ता ने 11 अक्तूबर को भुल्लर के खिलाफ रिश्वत मांगने और मंथली लेने की शिकायत दी थी, जिसके बाद सीबीआई ने कार्रवाई की।
सीबीआई ने भुल्लर के ऑफिस, घर, फार्म हाउस और अन्य ठिकानों को भी खंगाला। मोहाली स्थित कॉम्पलेक्स ऑफिस और चंडीगढ़ के सेक्टर-40 के मकान नंबर-1489 में सीबीआई की टीम ने छानबीन की और अहम सबूत जुटाए। डीआईजी भुल्लर के लिए पैसे लेने का काम उनका बिचौलिया कृष्णू करता था।
बिचौलिये को दिया जाता था 20-30 हजार कमीशन
पैसे लेने के बदले उसे 20-30 हजार कमीशन दिया जाता था। डीआईजी और बिचौलिये कृष्णू को 17 अक्तूबर को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा, जहां सीबीआई दोनों के रिमांड की मांग करेगी। भुल्लर 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उनके पिता महल सिंह भुल्लर पंजाब के डीजीपी रह चुके हैं।
व्हॉट्सएप कॉल पर कृष्णू और डीआईजी में हुई पैसे की बात
डीआईजी भुल्लर कहते हैं… अट्ठ फड़ने ने अट्ठ, होर जिन्ने देंदा, नाल नाल फड़ी चल
सीबीआई की टीम ने डीआईजी के ठिकानों से जांच में कई अहम सबूत सामने आए है। इनमें 11 अक्तूबर की एक व्हाट्सएप कॉल भी है जिसमें बिचौलिये कृष्णू को डीआईजी भुल्लर यह कहते हैं कि अट्ठ फड़ने ने अट्ठ। और जिन्ने देदा नाल नाल फड़ी चल, ओहनू केह दे आठ कर दे पूरे। कृष्णू की डीआईजी भुल्लर से मोबाइल नंबर-78377-73777 पर व्हाट्सअप कॉल पर बात हुई थी, सीबीआई की इन्वेस्टिगेशन में यह बात पुष्ट हो गई है कि यह नंबर डीआईजी के नाम पर पंजीकृत है।






