नेरचौक मेडिकल कॉलेज में के विशेषज्ञ पहली बार हृदय की बड़ी नस (कोरोनरी साइनस) और पेट की तिल्ली (स्प्लीन) के माप पर शोध कर रहे हैं। यह अध्ययन न सिर्फ हिमाचल में चिकित्सा अनुसंधान का नया अध्याय खोलेगा, बल्कि आने वाले समय में स्थानीय आबादी के लिए अधिक सुरक्षित और सटीक इलाज का रास्ता भी प्रशस्त करेगा।

नेरचौक मेडिकल कॉलेज
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