हिमाचल के मेडिकल कॉलेजों में आधारभूत ढांचा विकसित होगा। इन कॉलेजों में विशेषज्ञ चिकित्सक (प्रोफेसर, एसोसिएट और असिस्टेंट) की भर्ती की जा रही है। कालेज के हर विभाग में पांच से छह विशेषज्ञ की तैनाती होगी। प्रदेश सरकार ने सभी कॉलेजों में रिक्त पड़े विशेषज्ञ डाक्टरों का डाटा मांगा है। सभी कॉलेजों में अत्याधुनिक एमआरआई, पैट स्कैन स्थापित करने के साथ रोबोटिक सर्जरी शुरू की जानी है। ऐसे में स्टाफ की भर्तियां की जा रही हैं। सरकार ने मेडिकल कॉलेजों के लिए उपकरणों की खरीद शुरू कर दी है। इस पर सरकार 300 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। हिमाचल के मरीजों को दूसरे राज्यों में उपचार करने के लिए न जाना पड़े, इसके लिए हिमाचल की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है।