Himachal Observations Of The Court Of Special Judge Kinnaur In The Fake St Certificate Case – Amar Ujala Hindi News Live


प्रकाश ठाकुर, रामपुर बुशहर।
Published by: अंकेश डोगरा

Updated Thu, 02 Oct 2025 04:00 AM IST

रामपुर स्थित विशेष न्यायाधीश किन्नौर की अदालत ने फर्जी एसटी प्रमाण पत्र पर पदोन्नति लेने के एक मामले में कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 366 (25) के अनुसार अनुसूचित जनजाति की ऐसी कोई विशिष्ट परिभाषा नहीं है कि आदिवासी महिलाओं के बच्चे को आदिवासी नहीं माना जा सकता। 

Himachal Observations of the Court of Special Judge Kinnaur in the fake ST certificate case

कोर्ट का आदेश।
– फोटो : अमर उजाला।



विस्तार


भारत के संविधान के अनुच्छेद 366 (25) के अनुसार अनुसूचित जनजाति की ऐसी कोई विशिष्ट परिभाषा नहीं है कि आदिवासी महिलाओं के बच्चे को आदिवासी नहीं माना जा सकता। यह टिप्पणी रामपुर स्थित विशेष न्यायाधीश किन्नौर की अदालत ने फर्जी एसटी प्रमाण पत्र पर पदोन्नति लेने के एक मामले में की। अदालत ने मामले के आरोपी शिक्षक की ओर से पदोन्नति के लिए दिए गए एसटी प्रमाण पत्र को असली बताया है। शिक्षक का यह प्रमाण पत्र बचपन में आठ साल की उम्र में मां के साथ रहते हुए किन्नौर में बनाया गया था। शिकायत में इस प्रमाण पत्र को फर्जी बताया गया था।

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