दिल्ली-एनसीआर के लोगों को सराय काले खां पर बने नमो भारत कॉरिडोर के स्टेशन से जल्द ही सार्वजनिक परिवहन के एक साधन से दूसरे में सफर करने की सुविधा मिलेगी। आनंद विहार के बाद सराय काले खां पर तैयार हो रहा स्टेशन राजधानी के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को नया रूप देगा।
यहां एक ही परिसर में दिल्ली मेट्रो, सिटी बस, इंटरस्टेट बस, रेल, टैक्सी, ऑटो और ई-रिक्शा की सेवाएं उपलब्ध होंगी। यात्रियों को दिल्ली से मेरठ, पानीपत-करनाल और अलवर तक जाने के लिए अलग-अलग साधनों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर स्टेशन को बेहद आधुनिक बनाया गया है। 215 मीटर लंबे और 50 मीटर चौड़े इस स्टेशन पर छह प्लेटफॉर्म और चार ट्रैक एक ही स्तर पर हैं। यहां 14 लिफ्ट और 18 एस्केलेटर लगाए गए हैं ताकि बड़ी संख्या में आने वाले यात्रियों को भी परेशानी न हो।
सराय काले खां से हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन को जोड़ने के लिए 280 मीटर लंबा फुटओवर ब्रिज बनाया गया है जिसमें छह ट्रेवलेटर होंगे। इसी तरह का लिंक आईएसबीटी तक भी बनाया जा रहा है। यात्रियों की सहज आवाजाही के लिए बाहर एक बड़ा सार्वजनिक प्लाजा तैयार किया गया है। यहां 40 से अधिक वाहनों के लिए पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ जोन और 15 बसों के लिए बस इंटरचेंज की सुविधा होगी। इससे यात्रियों को एक से दूसरी सेवा लेने में समय और ऊर्जा की बचत होगी।
यात्रियों का समय बचेगा, सफर होगा आसान
नमो भारत स्टेशन को सीधे दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन से जोड़ा गया है। साथ ही, यह दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, बारापुला फ्लाईओवर, रिंग रोड और डीएनडी लिंक रोड जैसे प्रमुख मार्गों से भी कनेक्ट है। खास बात यह है कि यात्रियों के लिए अलग पैदल मार्ग बनाए गए हैं ताकि उन्हें वाहनों की भीड़ में चलना न पड़े। एनसीआरटीसी ने यहां एक सेंट्रल इंटरचेंज प्लाजा भी तैयार किया है जो मेट्रो, बस, रेलवे और ऑटो-टैक्सी पार्किंग के बीच सीधा कनेक्शन देगा।
एक ही टिकट से कई कॉरिडोर
सराय काले खां को तीनों प्राथमिक आरआरटीएस कॉरिडोर का संगम स्थल बनाया गया है। यात्री बिना ट्रेन बदले सीधे अलग-अलग कॉरिडोर में जा सकेंगे यानी दिल्ली से बैठा यात्री मेरठ जाने के बाद वहीं से अलवर या करनाल कॉरिडोर में सफर जारी रख सकता है। फिलहाल दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसका 14 किलोमीटर लंबा दिल्ली खंड सराय काले खां, न्यू अशोक नगर और आनंद विहार से होकर गुजरेगा। इसमें नौ किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड और पांच किलोमीटर अंडरग्राउंड होगा। आने वाले वर्षों में जब करनाल और अलवर कॉरिडोर भी जुड़ेंगे तो सराय काले खां न केवल दिल्ली बल्कि पूरे एनसीआर का सबसे बड़ा ट्रांसपोर्ट हब बन जाएगा।


