दिल्ली के वसंतकुंज में 17 छात्राओं का यौन शोषण करने के आरोपी स्वामी चैतन्यानंद उर्फ पार्थ सारथी इतना शातिर है कि उसने अभी तक पुलिस को कोई सबूत हाथ लगने नहीं दिया है। आरोपी ने अपने तीनों मोबाइल फोनों से पीड़ित छात्राओं से की गई चैटिंग डिलीट कर दी है।

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चैतन्यानंद सरस्वती गिरफ्तार
– फोटो : एएनआई
नहीं मिली चैटिंग
एक मोबाइल फोन को आरोपी इंस्टीट्यूट में लगे सीसीटीवी कैमरों को देखने के लिए इस्तेमाल करता था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी स्वामी के मोबाइल फोनों से छात्राओं से की गई किसी तरह की चैटिंग आदि नहीं मिली है। आरोपी स्वामी के तीनों मोबाइल फोन व आई-पैड को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।

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चैतन्यानंद सरस्वती गिरफ्तार
– फोटो : एएनआई
नंबर प्लेट के सवाल पर बन गया अंजान
दक्षिण-पश्चिमी जिले के एक वरिष्ठ एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी चैतन्यानंद से जब यूएन व एंबेसी की मिली नंबर प्लेट के बारे में पूछा गया तो आरोपी ने कहा कि इन नंबर प्लेट से उसका कोई लेना-देना नहीं है। आरोपी ने कहा कि ये नंबर प्लेट ट्रस्ट की हो सकती हैं। जब चैतन्यानंद से ये पूछा गया कि उसकी महंगी कार पर यूएन की नंबर प्लेट किसने लगाई है तो आरोपी ने कहा कि उसे पता नहीं है कि किसने लगाई है। इस बारे में उसे जानकारी नहीं है।

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बाबा चैतन्यानंद
– फोटो : अमर उजाला
ड्राइवर पहले ही खोल चुका स्वामी की पोल
वहीं आरोपी के ड्राइवर विक्रम सिंह तोमर ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि वह आरोपी के कहने पर कार में यूएन व एंबेसी की नंबर प्लेट लगाता था। ड्राइवर विक्रम ने कहा कि जब स्वामी किसी वीआईपी व दिल्ली से बाहर जाता था तो यूएन की नंबर प्लेट लगाने के लिए कहता था।

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स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती
– फोटो : PTI
बिगड़े मामले को संभालती थी वार्डन
दिल्ली पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि वार्डन छात्राओं को आरोपी के पास नहीं ले जाती थीं। आरोपी उन्हें खुद बुलाता था। जब कोई मामला बिगड़ जाता था या फिर कोई पीड़िता शिकायत करने की बात कहती थी तो वार्डन समझाती थी और मामले को शांत करती। हालांकि अभी तक तीन वार्डंन पीड़िताओं को आरोपी के पास ले जाती थी, ऐसी बात शुरूआती जांच में सामने नहीं आई है।


