Delhi Ncr Dengue Latest News And Update Know What To Do In Dengue Fever – Amar Ujala Hindi News Live



Dengue Alert: सितंबर-अक्तूबर के महीनों में पिछले कुछ वर्षों की तरह इस साल भी राजधानी दिल्ली-एनसीआर में मच्छर जनित रोगों का खतरा देखा जा रहा है। अस्पतालों से प्राप्त हो रही जानकारियों के मुताबिक ओपीडी में रोजाना तेज बुखार-शरीर दर्द के साथ आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है, इनमें से 40% लोग डेंगू का शिकार पाए जा रहे हैं। दिल्ली के कुछ इलाकों में स्थिति और भी गंभीर देखी जा रही है।

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मच्छर जनित रोगों के बढ़ते मामलों को देखते हुए यहां राजनीति भी तेज हो गई है।  शुक्रवार (26 सितंबर) को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में विपक्षी पार्षदों ने मच्छरदानी पहनकर सदन में प्रवेश किया जिसको लेकर खूब हंगामा हुआ। मच्छरों के बढ़ते प्रकोप के खिलाफ विपक्ष ने “दिल्ली बचाओ, मच्छर हटाओ” के नारे लगाए और तत्काल कार्रवाई की मांग की।

विरोध प्रदर्शन में  एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने मच्छरदानी पहनकर आरोप लगाया कि एमसीडी का कार्यालय भी मच्छरों के आतंक से अछूता नहीं है। उन्होंने सरकार से दिल्लीवासियों को इन जानलेवा मौसमी बीमारियों के अनियंत्रित प्रसार से बचाने की मांग की।

खबरों के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में डेंगू के साथ मलेरिया-चिकनगुनिया के मामले भी बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं।




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मच्छर जनित रोगों का खतरा
– फोटो : Freepik.com


दिल्ली में डेंगू-मलेरिया के मामले

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस साल मलेरिया के 333 मामले दर्ज हो चुके हैं, जो पिछले पांच वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। चिकनगुनिया के मामले भी पांच वर्षों में सबसे ज्यादा हैं, जबकि डेंगू भी उतनी ही खतरनाक गति से फैल रहा है।

दिल्ली के एक निजी अस्पताल से प्राप्त हो रही जानकारियों के मुताबिक रोजाना डेंगू के लक्षणों के साथ मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सभी उम्र के लोग इसका शिकार पाए जा रहे हैं। सितंबर की शुरुआत में हुई बारिश और बाढ़ के कारण अब मच्छरों से होने वाली बीमारियां बढ़ रही हैं। सभी लोगों को इन दिनों में बचाव को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।


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डेंगू के कारण होने वाली दिक्कतें
– फोटो : Freepik.com


नोएडा में भी बढ़ रहे हैं मरीज

नोएड में भी डेंगू के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शुक्रवार को फिर से 11 डेंगू के मरीज मिले हैं, जिसके साथ अब कुल मामले बढ़कर 358 हो गए हैं। इन सभी के घरों के आसपास एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। पिछले दो दिनों से डेंगू के मरीजों की संख्या 6 और 7 थी। ऐसे में लग रहा था कि अब डेंगू के मरीजों की संख्या कम होनी शुरू हो जाएगी, लेकिन अब फिर से आंकड़ा बढ़ गया है।

डॉक्टर कहते हैं,  बरसात खत्म होने के बाद जगह-जगह पानी जमा रह जाता है, मच्छर  इसी साफ पानी में अंडे देते हैं। सितंबर और अक्तूबर में मौसम न तो बहुत गरम होता है, न बहुत ठंडा यह मच्छरों के लिए सबसे सही समय होता है। इसलिए इन महीनों में डेंगू और दूसरी मच्छर वाली बीमारियां तेजी से फैलती हैं।


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डेंगू बुखार और इसके कारण होने वाली दिक्कतें
– फोटो : Adobe Stock


डेंगू के लक्षण कैसे पहचानें?

डेंगू के लक्षणों की शुरुआत में पहचान और इसका इलाज हो जाए तो गंभीर खतरों को कम किया जा सकता है।

  • इसमें सबसे पहले तेज बुखार होता है। इसके साथ सिर दर्द, आंखों के पीछे, हाथ-पैर और मांसपेशियों में बहुत ज्यादा दर्द, भूख कम होने और उल्टी जैसा लगना आम है। कई बार शरीर पर लाल दाने भी निकल आते हैं। अगर प्लेटलेट कम होने लगे तो नाक या मसूड़ों से खून आ सकता है। 


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डेंगू का समय पर इलाज जरूरी
– फोटो : Adobe stock


डेंगू हो जाए तो क्या करें?

डॉक्टर कहते हैं अगर आपको भी कुछ दिनों से इस तरह की दिक्कतें हो रही हैं तो इसे अनदेखा न करें और तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। तीन-चार दिन से तेज बुखार के साथ शरीर में दर्द हो रहा है तो सबसे पहले डॉक्टर को दिखाएं और टेस्ट कराएं।

  • डेंगू के कारण होने वाली दिक्कतों से बचे रहने के लिए खूब पानी पिएं, ओआरएस लें या फिर सूप-जूस पीते रहें इससे डिहाइड्रेशन से बचा जा सकता है।
  • शरीर को पर्याप्त आराम दें और बुखार के लिए केवल पैरासिटामोल लें। एस्पिरिन, इबूप्रोफेन जैसी दवाओं से बचें, क्योंकि ये रक्तस्राव का खतरा बढ़ाती हैं।
  • बहुत तेज पेट दर्द, बार-बार उल्टी, नाक-मसूड़ों से खून आने की दिक्कत हो रही है तो बिना समय गंवाए डॉक्टर के पास जाएं और जरूरी इलाज प्राप्त करें। ये प्लेटलेट्स गिरने का संकेत हो सकते हैं।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।




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