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संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 26 Sep 2025 09:56 AM IST
अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि 31 अक्तूबर से पहले अतिक्रमणकारियों को बेदखल करने के आदेश लागू रहेंगे और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट – फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया जारी रखने के आदेशों को बरकरार रखा है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि 31 अक्तूबर से पहले अतिक्रमणकारियों को बेदखल करने के आदेश लागू रहेंगे और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने कहा कि 2002 की अतिक्रमण नियमितीकरण नीति में वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण को नियमित करने का कोई प्रावधान नहीं है, इसलिए अतिक्रमणकारियों को इसका कोई लाभ नहीं मिलेगा। कोर्ट ने कहा कि उपायुक्त शिमला की ओर से दाखिल हलफनामे से यह तथ्य सामने आया कि अतिक्रमण वन भूमि पर हुआ है। मुख्य वन संरक्षक शिमला के अनुपालन हलफनामे में भी यही तथ्य दोहराया गया कि अतिक्रमण अवैध रूप से वन भूमि पर किया गया है।