11:14 AM, 01-Sep-2025
घोषणापत्र में ‘एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य’ की भावना होती है। सदस्य देशों ने वैज्ञानिक एवं तकनीकी उपलब्धियों और नवाचारों के क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने में पांचवें एससीओ स्टार्टअप फोरम के परिणामों का स्वागत किया। सदस्य देशों ने एससीओ थिंक टैंक फोरम की 20वीं बैठक के आयोजन का उल्लेख किया। उन्होंने सांस्कृतिक और मानवीय आदान-प्रदान को मजबूत करने में भारतीय विश्व मामलों की परिषद में एससीओ अध्ययन केंद्र के योगदान का भी उल्लेख किया।’
11:01 AM, 01-Sep-2025
तियानजिन घोषणा पत्र में पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का घोषणापत्र जारी कर दिया गया है। खास बात ये है कि इस घोषणा पत्र में पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई है और हमले के दोषियों और प्रायोजकों को न्याय के कटघरे में लाने की प्रतिबद्धता जताई गई है। सदस्य देशों ने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि की। घोषणा पत्र में आतंकवादी, अलगाववादी और उग्रवादी समूहों को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करने के प्रयासों की निंदा की गई। घोषणापत्र में कहा गया है, ‘सदस्य देश आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की कड़ी निंदा करते हैं, इस बात पर बल देते हैं कि आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में दोहरे मापदंड अस्वीकार्य हैं, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद, जिसमें आतंकवादियों की सीमा पार गतिविधियां भी शामिल हैं, का मुकाबला करने का आह्वान करते हैं।’
10:34 AM, 01-Sep-2025
पुतिन ने यूक्रेन संकट के लिए पश्चिमी देशों को ठहराया जिम्मेदार
पुतिन ने कहा कि ‘मैं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपनी अलास्का बैठक का विवरण द्विपक्षीय बैठकों के दौरान नेताओं को बताऊंगा। मैं मास्को के इस रुख को दोहराता हूं कि यूक्रेन में संकट किसी ‘आक्रमण’ के कारण नहीं, बल्कि कीव में पश्चिमी सहयोगियों द्वारा समर्थित तख्तापलट के परिणामस्वरूप उत्पन्न हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अलास्का शिखर सम्मेलन में बनी सहमति यूक्रेन में शांति का मार्ग प्रशस्त करती है।’
10:19 AM, 01-Sep-2025
पुतिन ने भारत-चीन को दिया धन्यवाद
एससीओ शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भारत और चीन को धन्यवाद दिया और कहा कि यूक्रेन संकट को सुलझाने में इन दोनों देशों ने काफी प्रयास किए।
At the Shanghai Cooperation Council (SCO) Members Session in Tianjin, China, Russian President Vladimir Putin says, “I appreciate China and India’s efforts to resolve the crisis in Ukraine.
(Pic Source: DD News) pic.twitter.com/Xyq0IkOFC7
— ANI (@ANI) September 1, 2025
09:59 AM, 01-Sep-2025
पीएम मोदी ने जोर-शोर से उठाया आतंकवाद का मुद्दा
पीएम मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर कहा कि ‘भारत पिछले चार दशकों से आतंकवाद का दंश झेल रहा है। हाल ही में, पहलगाम में हमने आतंकवाद का सबसे बुरा रूप देखा। मैं उन मित्र देशों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं जो इस दुःख की घड़ी में हमारे साथ खड़े रहे। हमें साफ तौर पर और सर्वसम्मति से कहना होगा कि आतंकवाद पर कोई भी दोहरा मापदंड स्वीकार्य नहीं है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘यह हमला मानवता में विश्वास रखने वाले हर देश और व्यक्ति के लिए एक खुली चुनौती थी। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या कुछ देशों द्वारा आतंकवाद का खुला समर्थन हमें स्वीकार्य हो सकता है। हमें हर रूप और रंग के आतंकवाद का सर्वसम्मति से विरोध करना होगा। मानवता के प्रति यह हमारा कर्तव्य है।’
#WATCH | “We have to say clearly and unanimously that no double standards are acceptable on terrorism…” says Prime Minister Narendra Modi at the Shanghai Cooperation Council (SCO) Members Session in Tianjin, China
PM Modi says, “… This attack was an open challenge to every… https://t.co/n9LlMc91Kq pic.twitter.com/UtlvwlHo5B
— ANI (@ANI) September 1, 2025
प्रधानमंत्री ने कहा ‘सुरक्षा, शांति और स्थिरता किसी भी देश के विकास का आधार होते हैं। लेकिन आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद इस राह में बड़ी चुनौतियां हैं। आतंकवाद सिर्फ़ एक देश की सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए एक साझा चुनौती है। कोई भी देश, कोई भी समाज, कोई भी नागरिक इससे खुद को सुरक्षित नहीं मान सकता। इसलिए, भारत ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एकता पर ज़ोर दिया है। भारत ने संयुक्त सूचना अभियान का नेतृत्व करके अल-कायदा और उससे जुड़े आतंकवादी संगठनों से लड़ने की पहल की। हमने आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ आवाज़ उठाई।’
#WATCH | “…Connectivity that bypasses sovereignty loses trust and meaning…” says Prime Minister Narendra Modi at the Shanghai Cooperation Council (SCO) Members Session in Tianjin, China
PM Modi says, “India has always believed that strong connectivity not only boosts trade… pic.twitter.com/iKowz1D5LA
— ANI (@ANI) September 1, 2025
09:56 AM, 01-Sep-2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एससीओ सम्मेलन में अपने संबोधन में कहा, ‘भारत का हमेशा से मानना रहा है कि मजबूत संपर्क न केवल व्यापार को बढ़ावा देता है, बल्कि विकास और विश्वास के द्वार भी खोलता है। इसी को ध्यान में रखते हुए, हम चाबहार बंदरगाह और अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे जैसी पहलों पर काम कर रहे हैं। इससे हमें अफगानिस्तान और मध्य पूर्व के साथ संपर्क बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। लेकिन संप्रभुता को दरकिनार करने वाला संपर्क विश्वास और अर्थ खो देता है।’
#WATCH | “…Connectivity that bypasses sovereignty loses trust and meaning…” says Prime Minister Narendra Modi at the Shanghai Cooperation Council (SCO) Members Session in Tianjin, China
PM Modi says, “India has always believed that strong connectivity not only boosts trade… pic.twitter.com/iKowz1D5LA
— ANI (@ANI) September 1, 2025
09:46 AM, 01-Sep-2025
पीएम मोदी बोले- ‘संप्रभुता का सम्मान जरूरी’
प्रधानमंत्री मोदी ने एससीओ देशों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि कनेक्टिविटी को बेहतर करना आज के समय की जरूरत है, लेकिन साथ ही संप्रभुता का सम्मान भी जरूरी है। माना जा रहा है कि पीएम मोदी ने इशारों-इशारों में चीन को साफ कह दिया है कि भारत संप्रभुता के मामले में कोई समझौता नहीं करेगा। दरअसल चीन बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव के जरिए एससीओ देशों में संपर्क मजबूत कर रहा है। भारत इसका हिस्सा नहीं है। चीन और पाकिस्तान के बीच कनेक्टिविटी के लिए जो बुनियादी ढांचा बनाया जा रहा है, उसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का भी हिस्सा आता है, जिस पर भारत को आपत्ति है। पीओके भारत का हिस्सा है और चीन द्वारा वहां सड़कों के निर्माण पर भारत ने आपत्ति जताई थी।
09:40 AM, 01-Sep-2025
‘एससीओ के सदस्य के रूप में भारत ने सकारात्मक भूमिका निभाई’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग परिषद (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में दिए अपने संबोधन में कहा कि ‘मुझे एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेकर खुशी हो रही है। मैं राष्ट्रपति शी जिनपिंग को हमारे भव्य स्वागत के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। आज उज्बेकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस है, मैं उन्हें भी बधाई देता हूं।’ पीएम मोदी ने कहा कि ‘एससीओ के सदस्य के रूप में भारत ने अत्यंत सकारात्मक भूमिका निभाई है। एससीओ के लिए भारत का दृष्टिकोण और नीति तीन महत्वपूर्ण स्तंभों पर आधारित है: एस – सुरक्षा, सी – कनेक्टिविटी और ओ – अवसर।
#WATCH | Tianjin, China | Prime Minister Narendra Modi says, “…India has played a very positive role as a member of the SCO. India’s vision and policy for the SCO is based on three important pillars. S – Security, C- Connectivity and O – Opportunity”
(Source: DD News) pic.twitter.com/F88uzct04D
— ANI (@ANI) September 1, 2025
09:33 AM, 01-Sep-2025
जिनपिंग बोले- ‘आधिपत्यवाद और सत्ता की राजनीति का विरोध करते हैं’
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा, ‘हमने कानून प्रवर्तन और सुरक्षा सहयोग को लगातार बढ़ावा दिया, मतभेदों को उचित ढंग से सुलझाया, बाहरी हस्तक्षेप का स्पष्ट रूप से विरोध किया और क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखी। हम बेल्ट एंड रोड सहयोग शुरू करने वाले पहले देश थे। हम हमेशा अंतरराष्ट्रीय निष्पक्षता और न्याय के पक्ष में खड़े हैं, सभ्यताओं के बीच समावेशिता और आपसी सीख के हिमायती हैं, और आधिपत्यवाद और सत्ता की राजनीति का विरोध करते हैं।’
In his opening remarks at the SCO Members Session in Tianjin, Chinese President Xi Jinping says, “We steadily promoted law enforcement and security cooperation, properly managed and settled differences, unequivocally opposed external interference, and maintained peace and… pic.twitter.com/cbSzFVFnaX
— ANI (@ANI) September 1, 2025
09:29 AM, 01-Sep-2025
‘एससीओ, पारस्परिक विश्वास, पारस्परिक लाभ, समानता वाला संगठन’
तियानजिन में एससीओ सदस्य सत्र में अपने उद्घाटन भाषण में, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा, ’24 साल पहले, जब एससीओ का गठन हुआ था, तभी से यह संगठन पारस्परिक विश्वास, पारस्परिक लाभ, समानता, परामर्श, सभ्यताओं की विविधता के प्रति सम्मान और साझा विकास की खोज पर आधारित है। हम अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में सैन्य विश्वास-निर्माण तंत्र स्थापित करने वाले पहले देश थे, जिसने हमारी विस्तृत सीमाओं को मित्रता, पारस्परिक विश्वास और सहयोग के बंधन में बदल दिया। हम आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद की तीन शक्तियों के विरुद्ध बहुपक्षीय कार्रवाई करने वाले पहले देश थे। हमने कानून प्रवर्तन और सुरक्षा सहयोग को लगातार बढ़ावा दिया।’
In his opening remarks at the SCO Members Session in Tianjin, Chinese President Xi Jinping says, “As early as 24 years ago, when it was founded, the SCO established the Shanghai spirit that is mutual trust, mutual benefit, equality, consultation, respect for diversity of… https://t.co/m3d0CG0s0l pic.twitter.com/VXybRA9LBU
— ANI (@ANI) September 1, 2025


