दिशा पाटनी के घर फायरिंग मामले में गाजियाबाद में दो शूटरों को मुठभेड़ में ढेर करने वाली संयुक्त टीम को बरेली पुलिस ने ही पर्याप्त साक्ष्य सौंप दिए थे। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, नाम-पते से लेकर मौजूदा मोबाइल नंबर तक शूटरों को ट्रेस करने के काम आए। दरअसल शूटरों की ए टीम फ्लॉप होने पर बी टीम (मुख्य शूटरों) ने मोर्चा संभाला।
इस वारदात के पीछे गैंग का था यह मकसद
गोल्डी बरार-रोहित गोदारा गैंग की तमन्ना दिशा पाटनी के घर फायरिंग के बहाने यूपी में भी अपना वर्चस्व कायम कर दहशत व रंगदारी के धंधे को विस्तार देने की थी। अफसरों की मानें तो इसी सिलसिले में गैंग ने सुनियोजित योजना बनाकर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया।

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दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग का मामला
– फोटो : अमर उजाला
प्लान के तहत टीम ए में बागपत निवासी शूटर नकुल व विजय भेजे गए। दोनों 11 सितंबर की सुबह करीब साढ़े चार बजे जगदीश चंद्र पाटनी की गली में घुसे। गलतफहमी में ये पाटनी के घर से सौ मीटर आगे चले गए। वहां पीछे बैठे नकुल ने पिस्टल से एक फायर किया। तुरंत ही दोनों वापस हो लिए।

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दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग का मामला
– फोटो : अमर उजाला
ये जब शहर से निकल रहे थे तो टीम बी (मुख्य शूटर) रविंद्र और अरुण शहर में घुस रहे थे। इससे पहले चारों की अपने विदेश व अन्य प्रदेशों में बैठे आकाओं से बात हो चुकी थी। सभी का ध्यान इंटरनेट व सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर था जहां कहीं भी दिशा पाटनी के घर फायरिंग का मेसेज नहीं दिखा।

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दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग का मामला
– फोटो : अमर उजाला
…इसलिए दोबारा दिशा पाटनी के घर पर की गई फायरिंग
सूत्रों के मुताबिक गिरोह ने जानकारी जुटाई तो पता लगा कि खुद पाटनी परिवार को भी फायरिंग का पता नहीं लगा। ये फायर हवाई था, इसलिए कोई निशान भी नहीं मिला। ऐसे में गिरोह की यह टीम मेसेज देने में विफल रही कि ऐसी घटना की गई।

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दिशा पाटनी के घर फायरिंग का मामला
– फोटो : अमर उजाला
तब तय किया गया कि रविंद्र व अरुण की टीम ये काम करेगी। 12 सितंबर को तड़के 3.33 बजे रविंद्र ने जिगाना पिस्टल से पाटनी के घर के छज्जे को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की। इससे गिरोह का मकसद पूरा हुआ और मीडिया में मामला सुर्खियां बनने के बाद गिरोह ने दिशा पाटनी के घर फायरिंग की जिम्मेदारी ले ली।


