IRTSA के महासचिव KV रमेश ने बताया कि संगठन ने वेतन आयोग की चेयरपर्सन रंजना प्रकाश देसाई और अन्य अधिकारियों के साथ लंबी चर्चा की। IRTSA ने सबसे बड़ी मांग मिनिमम सैलरी को लेकर रखी।
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए गठित आठवां वेतन आयोग एक्शन मोड में आ चुका है। इस वेतन आयोग के सामने केंद्रीय कर्मचारियों के अलग-अलग संगठनों ने कई डिमांड रखी है। ऐसी ही कुछ डिमांड इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर एसोसिएशन यानी IRTSA ने 8वें वेतन आयोग के सामने रखी है। IRTSA के महासचिव KV रमेश ने बताया कि संगठन ने वेतन आयोग की चेयरपर्सन रंजना प्रकाश देसाई और अन्य अधिकारियों के साथ लंबी चर्चा की। IRTSA ने सबसे बड़ी मांग मिनिमम सैलरी को लेकर रखी। संगठन ने कहा कि कर्मचारियों का मिनिमम बेसिक सैलरी 52 हजार रुपये होना चाहिए। इसके साथ ही अलग-अलग स्तर के कर्मचारियों के लिए 2.92 से 4.38 तक फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की गई।
हाउस रेंट अलाउंस पर प्रस्ताव
IRTSA ने कहा है कि 5वें वेतन आयोग द्वारा निर्धारित उस सिद्धांत का पालन 8वें वेतन आयोग में भी किया जाना चाहिए, जिसके तहत 50% DA को मूल वेतन के साथ मिला दिया जाता है। कर्मचारी संगठन ने यह सिफारिश की है कि DA पर टैक्स की राहत मिलनी चाहिए। IRTSA ने 8वें वेतन आयोग के लिए हाउस रेंट अलाउंस (HRA) की दरों में बढ़ोतरी का सुझाव दिया है। 7वें वेतन आयोग में HRA की दरें 8%, 16% और 24% थीं, जिन्हें 2024 में DA के 50% तक पहुंचने के बाद बढ़ाकर 10%, 20% और 30% कर दिया गया था।
अब इसे चार श्रेणियों में बांटने की मांग की गई है। 50 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में 40 प्रतिशत HRA, 20 से 50 लाख आबादी वाले शहरों में 30 प्रतिशत, 5 से 20 लाख आबादी वाले शहरों में 20 प्रतिशत और 5 लाख से कम आबादी वाले शहरों में 10 प्रतिशत HRA देने की मांग रखी गई। इसके अलावा नाइट ड्यूटी अलाउंस की सीमा हटाने और ट्रांसपोर्ट अलाउंस को तीन गुना बढ़ाने का भी प्रस्ताव दिया गया।
करियर प्रगति को लेकर IRTSA ने मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (MACP) योजना में बड़ा बदलाव सुझाया। संगठन चाहता है कि कर्मचारियों को 30 साल की सेवा में पांच प्रमोशन मिलें। ये प्रमोशन 6, 12, 18, 24 और 30 वर्ष की सेवा पूरी होने पर दिए जाएं। साथ ही जूनियर इंजीनियर (JE), सीनियर सेक्शन इंजीनियर (SSE) और अन्य तकनीकी कर्मचारियों की ट्रेनिंग अवधि को भी MACP के लिए सेवा अवधि में जोड़ा जाए।
वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग भी प्रमुख रही। IRTSA ने जूनियर इंजीनियरों को उनके अधीन काम करने वाले वरिष्ठ तकनीशियनों से अधिक ग्रेड पे देने, SSE के वेतन स्तर को बढ़ाने और तकनीकी कर्मचारियों के लिए अलग वेतन संरचना बनाने की मांग की।


