8th Pay Commission: केंद्र सरकार ने नवंबर 2025 में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन के साथ ही लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह आयोग फिलहाल लागू 7वें वेतन आयोग की जगह लेगा, जो साल 2016 से लागू है।
8th Pay Commission: केंद्र सरकार ने नवंबर 2025 में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन के साथ ही लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह आयोग फिलहाल लागू 7वें वेतन आयोग की जगह लेगा, जो साल 2016 से लागू है। नए वेतन आयोग का मकसद कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और भत्तों की पूरी संरचना की समीक्षा करके उसे मौजूदा आर्थिक हालात के हिसाब से अपडेट करना है।
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मांगे गए हैं सुझाव
वित्त मंत्रालय ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए कर्मचारियों, पेंशनर्स, कर्मचारी संगठनों और अन्य हितधारकों से सुझाव भी मांगे हैं। इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया गया है, जहां लोग अपनी राय और सुझाव भेज सकते हैं। यह सुविधा 30 अप्रैल 2026 तक खुली रहेगी। सरकार ने आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट देने के लिए करीब 18 महीने का समय दिया है। इसके बाद सरकार रिपोर्ट का अध्ययन करके अंतिम फैसला लेगी।
कितनी बढ़ेगी सैलरी
अगर पिछली वेतन आयोगों की बात करें तो हर बार वेतन में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है। 7वें वेतन आयोग के लागू होने पर केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दी गई थी, जबकि अधिकतम बेसिक सैलरी 2.5 लाख रुपये प्रति माह तय की गई थी। अब 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों में उम्मीद है कि इस बार भी सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
फिटमेंट फैक्टर पर चर्चा
सबसे बड़ी चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है। फिटमेंट फैक्टर वही गुणांक होता है, जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नई सैलरी तय की जाती है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बार फिटमेंट फैक्टर 2.4 से 3.0 के बीच हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो कर्मचारियों की सैलरी में लगभग 20% से 35% तक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।
एरियर को लेकर भी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर सामने आ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही सरकार आयोग की सिफारिशों को मंजूरी देने में समय ले, लेकिन वेतन संशोधन का असर 1 जनवरी 2026 से माना जाएगा। यानी जब भी नया वेतन लागू होगा, कर्मचारियों को उस तारीख से लेकर लागू होने तक का एरियर भी मिल सकता है।
एनालिस्ट ने क्या कहा
फाइनेंस एनालिस्ट का कहना है कि अंतिम वेतन बढ़ोतरी कई आर्थिक कारकों पर निर्भर करेगी। इनमें महंगाई की स्थिति, सरकार की वित्तीय क्षमता, टैक्स कलेक्शन और 16वें वित्त आयोग की सिफारिशें शामिल हैं। ऐसे में सरकार कोशिश करेगी कि कर्मचारियों को अच्छा वेतन बढ़ोतरी पैकेज मिले, लेकिन साथ ही सरकारी खजाने पर ज्यादा बोझ भी न पड़े। इसलिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी अंतिम तस्वीर अगले 12–18 महीनों में ही साफ हो पाएगी।


