उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक युवक की गुमशुदगी का मामला हत्या की सनसनीखेज वारदात में बदल गया. पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए एक दंपति को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि प्रेम संबंधों को लेकर उपजे विवाद में युवक की हत्या की गई और बाद में शव को ठिकाने लगाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया.
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के अनुसार, बकेवर थाना क्षेत्र के टिकरा गांव निवासी विजय निषाद 8 मई 2026 को घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा. 11 मई को परिजनों ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई. जांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन का विश्लेषण किया, जिससे हमीरपुर जिले की एक महिला से विजय के लगातार संपर्क में होने की जानकारी मिली.
चार महीने पति नहीं था तो चलाया अफेयर
मोबाइल लोकेशन के आधार पर विजय की मोटरसाइकिल कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र से बरामद हुई. इसके बाद परिजनों ने हमीरपुर निवासी कामता प्रसाद निषाद और उसकी पत्नी किरन देवी पर विजय को बुलाकर उसकी हत्या करने का आरोप लगाया. पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों से पूछताछ शुरू की.
जांच में सामने आया कि विजय और किरन देवी के बीच चार महीने से प्रेम संबंध थे. पुलिस के मुताबिक, जब कामता प्रसाद बाहर काम करता था, उसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं. बाद में कामता के वापस आने के बाद भी विजय का संपर्क बना रहा, जिससे नाराज होकर दंपति ने कथित तौर पर उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई.
आरी और ग्राइंडर से काटी लाश
पुलिस का कहना है कि 8 मई को विजय को घर बुलाया गया, जहां उसकी हत्या कर दी गई. घर पर पहले से मौजूद कामता प्रसाद ने दरवाजे के चौखट से वार कर उसकी हत्या कर दी. पुलिस के अनुसार हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने शव को छिपाया और रात में उसे ठिकाने लगाने का प्रयास किया. शव को बोरे में भरने में दिक्कत आने पर उसके शरीर को आरी और ग्राइंडर से काटा गया. इसके बाद शव को कानपुर नगर क्षेत्र के जंगल में ले जाकर जला दिया गया.
अलग-अलग फेंके जूते , कपड़े
साक्ष्य मिटाने के लिए मृतक का मोबाइल फोन, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, जूते और अन्य सामान भी अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिए गए. आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने शव के अवशेष, मोबाइल फोन के अवशेष, जले हुए कपड़ों के टुकड़े, आरी, ग्राइंडर ब्लेड, मोटरसाइकिल समेत कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं, जिनकी पहचान मृतक के परिजनों ने की है.
डीएनए टेस्ट से होगी पहचान
एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि डिजिटल साक्ष्यों की जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों के मोबाइल फोन पर अपराध, सजा और जांच से जुड़े विषयों की जानकारी खोजी गई थी. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि, बरामद अवशेषों की अंतिम पहचान के लिए डीएनए परीक्षण कराया जा रहा है. रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस का कहना है कि उपलब्ध डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर मामले का खुलासा किया गया है और जांच जारी है.
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