वेतन लेते हैं तो काम कैसे न करें? जूनियर वकीलों ने मांगी तारीख तो भड़क गए CJI सूर्यकांत, India News in Hindi


मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने जूनियर वकीलों की मांग को नामंजूर करते हुए स्पष्ट किया कि अदालत इस मामले की सुनवाई अगले ही दिन यानी गुरुवार को करेगी।

Supreme Court News: भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत (CJI Surya Kant) ने बुधवार को अदालत में स्थगन की मांग कर रहे जूनियर वकीलों को कड़ी नसीहत दी। सीजेआई ने स्पष्ट रूप से कहा कि जज जनता के पैसे से वेतन पाते हैं, इसलिए वे काम न करने का बहाना नहीं बना सकते हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस समय अदालत में कोई वेकेशन नहीं चल रही है, बल्कि आंशिक कार्यदिवस चल रहे हैं।

यह मामला तब सामने आया जब एक याचिकाकर्ता और प्रतिवादी की ओर से पेश हुए दो जूनियर वकीलों ने मुख्य न्यायाधीश की पीठ से मामले को टालने का अनुरोध किया। वकीलों की दलील थी कि उनके सीनियर वकील इस समय उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए इस मामले की सुनवाई 13 जुलाई को कोर्ट के आंशिक कार्यदिवसों के समाप्त होने के बाद की जाए।

इस अनुरोध को सिरे से खारिज करते हुए मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने कहा, “आप लोग स्वतंत्र पेशेवर हैं। लेकिन हमें जो वेतन मिलता है, अगर हम काम नहीं करेंगे तो उसे कैसे सही ठहराएंगे? कल को कोई भी यह सवाल उठा देगा कि जज काम नहीं कर रहे हैं और आंशिक कार्यदिवसों का भी आनंद ले रहे हैं। इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा?”

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने जूनियर वकीलों की मांग को नामंजूर करते हुए स्पष्ट किया कि अदालत इस मामले की सुनवाई अगले ही दिन यानी गुरुवार को करेगी।

किसने कहा छुट्टियां हैं?

सुनवाई के दौरान एक अन्य वकील ने भी अदालत के वेकेशन पर होने का हवाला देते हुए मामले को टालने की मांग की। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने कड़ा रुख अपनाते हुए याद दिलाया कि बुधवार को भी अदालत की पांच पीठें पूरी तरह सक्रिय थीं। सीजेआई ने वकील को टोकते हुए कहा, “यहां कोई छुट्टियां नहीं हैं। किसने कहा कि यह वेकेशन है? कोर्ट की पांच बेंच आज काम कर रही हैं। मेरे साथ नौ अन्य न्यायाधीश भी आज काम में जुटे हुए हैं।”

सुनवाई के दौरान एक अन्य वकील ने भी अदालत के वेकेशन पर होने का हवाला देते हुए मामले को टालने की मांग की। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने कड़ा रुख अपनाते हुए याद दिलाया कि बुधवार को भी अदालत की पांच पीठें पूरी तरह सक्रिय थीं। सीजेआई ने वकील को टोकते हुए कहा, “यहां कोई छुट्टियां नहीं हैं। किसने कहा कि यह वेकेशन है? कोर्ट की पांच बेंच आज काम कर रही हैं। मेरे साथ नौ अन्य न्यायाधीश भी आज काम में जुटे हुए हैं।”



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